पटना/बाढ़ : 30 अगस्त को एक शराब पार्टी के बाद चार युवकों की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया था। चार मौतों के बाद सवाल था—आखिर ऐसा क्या हुआ कि कुछ ही मिनटों में चार जिंदगियां खत्म हो गईं? क्या जहरीली शराब ने चारों की जान ली या फिर शराब के पैग में साजिश का जहर घोला गया था?
अब ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद इस मामले ने एक और खतरनाक मोड़ ले लिया है। पुलिस ने दावा किया है कि चारों युवकों को शराब में जहर मिलाकर पिलाया गया था और इसके पीछे प्रेम प्रसंग और पुरानी रंजिश वजह थी। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों और एक नाबालिग को हिरासत में लेने की बात कही है। लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं होती।
पुलिस के खुलासे के बाद मृतकों के परिजन और ग्रामीण ही सवालों के साथ थाने पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुलिस के प्रेम प्रसंग वाले एंगल को सिरे से खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। सवाल उठ रहा है—अगर प्रेम प्रसंग ही हत्या की वजह था, तो पुलिस के पास इसके ठोस सबूत क्या हैं? और अगर मामला इतना साफ है, तो एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार क्यों?
पुलिस का दावा- शराब में मिलाया गया था जहर
ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार के मुताबिक, बेढ़ना गांव में 30 अगस्त को चार युवकों की संदिग्ध स्थिति में तबीयत खराब हुई थी। देखते ही देखते चारों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी लाली कुमार ने पूछताछ में बताया कि उसने शराब में जहर मिलाया था। पुलिस का दावा है कि लाली की बहन के साथ मृतक निशु का प्रेम प्रसंग था। इस बात को लेकर बाकी तीन युवक लाली को चिढ़ाते थे। कथित तौर पर इसी वजह से लाली ने बाजार से जहर खरीदा और शराब में मिला दिया।
बताया गया कि शराब रुदल कुमार से लाई गई थी। रुदल आलू-प्याज का कारोबार करता है। पुलिस ने लाली और रुदल को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या सिर्फ आरोपी के बयान से हत्या की पूरी कहानी साबित हो जाती है? क्योंकि पुलिस खुद कह रही है कि जहर किस प्रकार का था, यह एफएसएल जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
चारों ने पहला पैग पिया और 9 मिनट बाद बिगड़ गई तबीयत
घटना को लेकर ग्रामीणों से मिली जानकारी भी कई सवाल खड़े करती है। बताया गया कि रविवार दोपहर करीब 1 बजकर 9 मिनट पर चारों युवकों ने पहला पैग पिया। इसके महज नौ मिनट बाद यानी करीब 1 बजकर 18 मिनट पर उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। करीब 10-15 मिनट के भीतर दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य को इलाज के लिए पटना रेफर किया गया। NMCH में इलाज के दौरान करीब एक घंटे बाद दोनों की भी मौत हो गई। इतनी तेजी से चार मौतें… आखिर गिलास में क्या था? यह सवाल इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने भी कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं।
डॉक्टर बोले- मौत जहर से, लेकिन जहर कौन सा था अभी राज
पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अजय कुमार के मुताबिक, चारों युवकों की मौत जहर के कारण हुई है। लेकिन जहर किस प्रकार का था, इसकी पुष्टि एफएसएल जांच के बाद होगी। जहर शराब में था, पानी में या खाने में—इसकी भी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।डॉक्टर ने यह भी कहा कि जहरीली शराब से आमतौर पर इतनी जल्दी मौत नहीं होती। जहरीली शराब के मामलों में पेट फूलना, आंखों की रोशनी चले जाना जैसे लक्षण देखे जाते हैं, लेकिन इन चारों युवकों में ऐसे लक्षण नहीं पाए गए। यानी पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने यह तो बताया कि मौत जहर से हुई, लेकिन जहर शरीर में पहुंचा कैसे—इस सवाल का जवाब अभी जांच के पास भी नहीं है।
पांचवां पैग और पांचवां युवक… कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट?
मामले में एक और रहस्य सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, पार्टी में एक पांचवें युवक के लिए भी पैग बनाया गया था। लेकिन वह घटना के समय सिगरेट पीने चला गया। जब वह वापस लौटा तो चारों युवक बेहोश पड़े थे और उनके मुंह से झाग निकल रहा था।अब सवाल उठता है—अगर पांचवां पैग भी तैयार था, तो वह युवक शराब पीने से बच कैसे गया? क्या उसका सिगरेट पीने के लिए बाहर जाना महज संयोग था या फिर इसी कड़ी में पूरी साजिश का कोई दूसरा सिरा छिपा है?घटनास्थल से शराब की बोतल, टेट्रा पैक, ग्लास और मछली-रोटी बरामद होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर रखी मछली-रोटी एक बिल्ली ने भी खाई थी, लेकिन बिल्ली को कुछ नहीं हुआ।अब यह तथ्य जांच में कितना महत्वपूर्ण है, यह एफएसएल रिपोर्ट ही बताएगी। क्या जहर सिर्फ शराब में था? क्या खाने में जहर नहीं था? या फिर पूरा मामला कुछ और है?
ग्रामीणों ने पुलिस के प्रेम प्रसंग वाले खुलासे पर उठाए सवाल
पुलिस के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। करीब 50 की संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की।ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस मामले को जल्दबाजी में खत्म करने की कोशिश कर रही है और एक शादीशुदा महिला को प्रेम प्रसंग के नाम पर बदनाम किया जा रहा है।ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि अगर मृतक निशु का किसी लड़की से प्रेम संबंध था, तो उसके मोबाइल की जांच क्यों नहीं की जाती? उसका कॉल डिटेल रिकॉर्ड क्यों नहीं खंगाला जाता?आरोप लगाना आसान है, लेकिन क्या डिजिटल सबूत भी पुलिस की कहानी की पुष्टि करते हैं? ग्रामीणों ने पुलिस से मोबाइल, कॉल डिटेल, घटनास्थल और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।
मृतक पंकज के परिवार ने खोली पुरानी हत्या की फाइल
मामले में मृतक पंकज के परिवार की ओर से एक और गंभीर दावा किया गया है। पंकज की भतीजी अनु कुमारी ने आरोप लगाया कि वर्ष 2009 में उनके पिता की हत्या कर दी गई थी। उनका शव बोरे में बंद करके गांव के पास सड़क किनारे फेंक दिया गया था।अनु के मुताबिक, इस पुराने मामले में 5 तारीख को उनके चाचा पंकज की गवाही होनी थी। परिवार का दावा है कि जिन लोगों पर हत्या का आरोप है, वे लगातार समझौता करने और गवाही से पीछे हटने की धमकी दे रहे थे।अनु ने आरोप लगाया कि चाचा ने समझौता नहीं किया और इसी वजह से साजिश के तहत उनकी हत्या करा दी गई।अनु का कहना है कि उनकी मां महज दो हजार रुपये की नौकरी करके परिवार चलाती हैं। चार बहनों में तीन की शादी हो चुकी है और वह खुद निजी स्कूल में पढ़ती हैं। उनका दावा है कि उन्हें भी लगातार धमकियां मिलती रही हैं। अगर परिवार के ये आरोप सही हैं तो सवाल बेहद गंभीर है—क्या चार युवकों की मौत के पीछे सिर्फ प्रेम प्रसंग है या पुरानी दुश्मनी की कोई दूसरी कहानी भी है?
अब एफएसएल रिपोर्ट पर टिकी पूरी जांच
फिलहाल पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार/हिरासत में लिया है और जहरीले पदार्थ की प्रकृति जानने के लिए एफएसएल जांच कराई जा रही है।शराब की बोतल, टेट्रा पैक, ग्लास, भोजन और शवों के बिसरा की जांच से कई राज खुल सकते हैं।लेकिन तब तक सवाल कायम है—चार युवकों की मौत सिर्फ एक प्रेम कहानी का खौफनाक अंत है या इसके पीछे पुरानी रंजिश, धमकी और गवाही का कोई कनेक्शन भी है?पुलिस की कहानी एक तरफ है और मृतकों के परिजनों के आरोप दूसरी तरफ। सच किसके करीब है, इसका फैसला प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं, बल्कि एफएसएल रिपोर्ट, मोबाइल डेटा, पोस्टमार्टम साक्ष्य और निष्पक्ष जांच करेगी। और शायद सबसे बड़ा सवाल यही है—चार पैग, चार मौतें और एक पांचवां पैग… इस पूरी कहानी का असली जहर आखिर किसके पास था?