Bihar Crime News: पटना में एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से लाखों रुपये निकालने वाले गिरोह का श्रीकृष्णापुरी पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इनके पास से 82 एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल फोन और एक एक्सयूवी 500 कार बरामद की गई है. पुलिस के अनुसार, गिरोह ने कुछ ही महीनों में अलग-अलग लोगों के खातों से तीन करोड़ रुपये से अधिक की रकम निकाली है.
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सुधाकर उर्फ प्रियांश, प्रशांत कुमार और राकेश कुमार के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपित स्नातक पास हैं और लंबे समय से एटीएम कार्ड बदलकर लोगों को ठगने के धंधे में सक्रिय थे. गिरोह का सरगना सुधाकर उर्फ प्रियांश बताया जा रहा है. उसके खिलाफ 17 मामले दर्ज हैं, जबकि प्रशांत कुमार और राकेश कुमार के खिलाफ दो-दो मामले दर्ज हैं.
पुलिस के अनुसार, सुधाकर और प्रशांत गया जिले के सिविल लाइंस इलाके के रहने वाले हैं, जबकि राकेश कुमार फतेहपुर का निवासी है. गिरोह के सदस्य पटना के अलावा गया, नवादा और सीतामढ़ी में भी लोगों को अपना निशाना बना चुके हैं. झारखंड के रांची, जमशेदपुर और सिंहभूम में भी इस गिरोह द्वारा वारदात किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है.
SP के रिश्तेदार का भी बदला था ATM कार्ड
गिरोह के निशाने पर सैकड़ों लोग आ चुके हैं. पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में तैनात एक एसपी के रिश्तेदार के साथ भी आरोपितों ने एटीएम कार्ड बदलकर ठगी की थी. इस घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और गिरोह के सदस्यों तक पहुंची.
सुरक्षा गार्ड नहीं रहने वाले ATM को बनाते थे निशाना
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य ऐसे एटीएम केंद्रों को निशाना बनाते थे, जहां सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं रहते थे. आरोपित एटीएम मशीन में चिपकने वाली सामग्री लगाकर ग्राहक का कार्ड फंसा देते थे. इसके बाद आसपास खड़े होकर ग्राहक को परेशान होता देखते और इसी दौरान उसका पिन भी देख लेते थे.
कार्ड फंसने के बाद ग्राहक को मदद के नाम पर अलग-अलग तरीके बताए जाते थे. कई बार आरोपित हेल्पलाइन नंबर बताकर ग्राहक को एटीएम से बाहर भेज देते थे. ग्राहक के बाहर निकलते ही गिरोह का दूसरा सदस्य मशीन के पास पहुंचता और कार्ड के जरिए खाते से रकम निकाल लेता था.
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य कई मामलों में मदद करने के बहाने ग्राहक का एटीएम कार्ड अपने पास मौजूद दूसरे कार्ड से बदल देते थे. ग्राहक का पिन पहले ही पता कर लेने के कारण आरोपित बाद में आसानी से खाते से रुपये निकाल लेते थे.
पटना के श्रीकृष्णापुरी, पाटलिपुत्र, कोतवाली और बुद्धा कॉलोनी समेत कई थाना क्षेत्रों में गिरोह द्वारा वारदात किए जाने की जानकारी मिली है. इसके अलावा रांची के कई एटीएम केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों में भी आरोपितों की गतिविधियां कैद हुई थीं. इन्हीं फुटेज के आधार पर पुलिस को आरोपितों की पहचान करने में मदद मिली.
गिरोह में दो दर्जन से अधिक सदस्यों की जानकारी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस गिरोह में दो दर्जन से अधिक सदस्य सक्रिय हैं. ये लोग पटना के अलग-अलग इलाकों में एटीएम के आसपास घूमकर ग्राहकों को निशाना बनाते थे. सिटी एसपी चंद्रप्रकाश के अनुसार, पूछताछ में गिरोह के कई अन्य सदस्यों के नाम सामने आए हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.
ठगी के पैसों से खरीदी महंगी कार
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित एटीएम कार्ड बदलकर या कार्ड फंसाकर प्रतिदिन दो से तीन लाख रुपये तक की निकासी करते थे. ठगी से मिले पैसों से आरोपितों ने महंगी कार खरीदी और बैंक खातों में भी बड़ी रकम जमा की. पुलिस अब इन बैंक खातों और आरोपितों के आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है.
पूछताछ में गया और नवादा से जुड़े एक संगठित नेटवर्क की भी जानकारी सामने आई है. पुलिस को यह भी पता चला है कि गिरोह के कुछ सदस्य नए लोगों को एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने का तरीका सिखाते थे. इसके बाद उन्हें अलग-अलग इलाकों में वारदात के लिए भेजा जाता था.
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के बाकी सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी है. साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की कुल रकम कितनी है.