Bihar News:  राजधानी पटना में इलेक्ट्रिक वाहन चलाने वालों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। शहर के प्रमुख सरकारी परिसरों में अब फास्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। इसके लिए मुख्य सचिवालय, बिहार विधानसभा और कलेक्ट्रेट समेत कुल 10 स्थानों को चिन्हित किया गया है। इन जगहों पर चार्जिंग सुविधा शुरू होने के बाद सरकारी काम से इन परिसरों में आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ आम लोगों को भी फायदा मिलेगा।


बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सबसे बड़ी जरूरत बेहतर चार्जिंग नेटवर्क की है। इसी दिशा में बिहार परिवहन विभाग ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) के साथ हाथ मिलाया है। दोनों के बीच शुक्रवार को इस संबंध में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।


इन 10 जगहों पर मिलेगी EV चार्जिंग की सुविधा

पटना में जिन प्रमुख स्थानों पर फास्ट EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने हैं, उनमें मुख्य सचिवालय, विधानसभा, कलेक्ट्रेट, विश्वेश्वरैया भवन, विकास भवन और सिंचाई भवन शामिल हैं।


इसके अलावा मल्टी मॉडल हब, मल्टी लेवल कार पार्किंग, बेउर मोड़ और हार्डिंग रोड को भी इस योजना में शामिल किया गया है।


इन स्थानों का चयन इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यहां रोजाना बड़ी संख्या में सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग पहुंचते हैं। इलेक्ट्रिक वाहन से आने वाले लोगों को अब चार्जिंग के लिए अलग से स्टेशन तलाशने की जरूरत कम होगी।


परिवहन विभाग और IOCL के बीच हुआ समझौता

इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए परिवहन विभाग और IOCL के बीच समझौता हुआ है। समझौते पर राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन और IOCL बिहार के स्टेट रिटेल सेल्स हेड राजीव कुमार ने हस्ताक्षर किए।


राज्य परिवहन आयुक्त के अनुसार, सरकारी परिसरों में चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध होने से इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। खासकर सचिवालय और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों में आने-जाने वाले लोगों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित हो सकती है।


बिहार में बढ़ रहा EV का चलन

पेट्रोल और डीजल की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। पटना समेत बिहार के दूसरे शहरों में भी इलेक्ट्रिक कार, स्कूटर और अन्य वाहनों की संख्या बढ़ रही है।


हालांकि EV की बढ़ती संख्या के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना भी बड़ी चुनौती है। सरकार निजी कंपनियों के सहयोग से इस कमी को दूर करने की दिशा में काम कर रही है।


IOCL के अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि कंपनी की ओर से बिहार में अब तक 210 EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। अब परिवहन विभाग के साथ हुए समझौते के तहत सरकारी परिसरों में भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।


आम लोगों को भी मिलेगा फायदा

इस योजना का फायदा केवल सरकारी कर्मचारियों या अधिकारियों तक सीमित नहीं रहेगा। चिन्हित सरकारी परिसरों में उपलब्ध कराई जाने वाली चार्जिंग सुविधा का लाभ आम EV उपयोगकर्ता भी उठा सकेंगे।


पटना में जैसे-जैसे इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे ऐसे चार्जिंग स्टेशनों की जरूरत भी बढ़ेगी। सरकारी परिसरों में फास्ट चार्जिंग स्टेशन शुरू होने से शहर में EV चार्जिंग नेटवर्क को विस्तार मिलने की उम्मीद है।


कुल मिलाकर, पटना में 10 प्रमुख स्थानों पर फास्ट EV चार्जिंग स्टेशन लगाने की यह पहल राजधानी को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए तैयार करने की दिशा में अहम कदम है। इससे इलेक्ट्रिक वाहन चलाने वालों को सुविधा मिलेगी और शहर में स्वच्छ परिवहन को भी बढ़ावा मिल सकता है।