PATNA: पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विरोध में पटना में किसानों का प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। छात्रों के प्रदर्शन के बीच बड़ी संख्या में किसान भी सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई किसानों और छात्रों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए किसानों ने सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया। किसानों ने नारे लगाते हुए कहा, “बांकीपुर झांकी है, अभी तो पूरा हिंदुस्तान बाकी है।” प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि छात्रों, किसानों और आम लोगों के साथ इसी तरह ज्यादती जारी रही तो वे आंदोलन को और व्यापक करेंगे।


‘जेल जाएंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे’

पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे किसानों को हिरासत में लेकर बस में बैठाया। इस दौरान किसानों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे गिरफ्तारी देने को तैयार हैं, लेकिन अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। एक किसान ने कहा, “हम गिरफ्तार होकर जेल जाएंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे। जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे।” किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार जबरन उनकी जमीन लेना चाहती है और विरोध करने पर पुलिस के जरिए लाठीचार्ज कराया जा रहा है।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पुलिस कार्रवाई या गिरफ्तारी से डरने वाले नहीं हैं। उनका दावा है कि अब किसानों के साथ छात्र और आम लोग भी एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे।


‘अब इससे बड़ा आंदोलन होगा’

किसानों ने ऐलान किया कि पाटलिपुत्र टाउनशिप के मुद्दे पर जल्द ही बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसान अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे और किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेंगे। एक किसान ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ छात्र और समाज के अन्य वर्ग भी एकजुट होंगे।


‘बांकीपुर तो झांकी है, पूरा हिंदुस्तान बाकी है’

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने राजनीतिक अंदाज में नारेबाजी करते हुए कहा, “बांकीपुर तो झांकी है, पूरा हिंदुस्तान अभी बाकी है।” किसानों का दावा था कि हालिया राजनीतिक घटनाक्रम से सरकार को जनता के आक्रोश का अंदाजा हो जाना चाहिए।  किसानों का कहना था कि अभी तो बीजेपी का बांकीपुर किला ढहा है, अगर इसी तरह से छात्रों, किसानों और आम लोगों के साथ ज्यादती की गई तो एनडीए कई सीटों से हाथ धो बैठेगी। किसानों ने ऐलान किया कि अब किसान बड़ा आंदोलन करेंगे। जिसकी घोषणा बहुत जल्द कर दी जाएगी। किसानों ने मन बना लिया है कि वो किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देंगे।


प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की भूमि नीति से किसानों की जमीन बड़े उद्योगपतियों (अडाणी और अंबानी ) के हित में जाने का खतरा है। उन्होंने लैंड पूलिंग के जरिए जमीन लेने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। फतुहा से पहुंचे एक किसान ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार किसानों के साथ ज्यादती कर रही है और वे अपनी जमीन किसी भी हालत में नहीं देंगे।


जमीन सम्राट चौधरी जबरदस्ती छीन रहा है और पुलिस से लाठी चलवा रहा है। जान देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे। जेल जाएंगे जमीन नहीं देंगे। इनसे हम डरने वाले नहीं है। किसी भी शर्त पर नहीं डरने वाले हैं, अब इससे बड़ा आंदोलन होगा। किसानों के साथ-साथ पूरा छात्र और समाज इकट्ठा होगा और सम्राट चौधरी की सरकार को उखाड़ फेकेंगे। ये अंबानी और अडाणी को लैड पुलिंग के माध्यम से हमारी जमीन गुजरात को देना चाहते हैं। फतुहा से आए किसान ने कहा कि हम लोग संघर्ष कर रहे हैं, हम अपनी जमीन नहीं देंगे। सरकार ज्यादती कर रही यह बेईमानों की सरकार है। किसानों ने कहा कि बांकीपुर तो झांकी है, पूरा हिन्दुस्तान अभी बाकी है।


किसानों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी

किसानों ने कहा कि पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन लेने की प्रक्रिया का वे लगातार विरोध करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जमीन संबंधी फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है। इसलिए वे जमीन छोड़ने के बजाय आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी आवाज नहीं सुनी तो आने वाले दिनों में आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है।


पटना से प्रेम राज की रिपोर्ट