BIHAR NEWS : पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात हुए हंगामे और तोड़फोड़ की घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब जरूरत पड़ने पर संबंधित रूट पर आधे घंटे के भीतर ट्रेन ऑन डिमांड (TOD) चलाने का निर्णय लिया जाएगा। रेलवे का मानना है कि इस व्यवस्था से छात्रों की भीड़ को नियंत्रित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
पूर्व मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि प्रत्येक रेल मंडल में विशेष रैक उपलब्ध रखे गए हैं। यदि किसी स्टेशन पर अचानक बड़ी संख्या में परीक्षार्थी पहुंचते हैं और अतिरिक्त ट्रेन की आवश्यकता महसूस होती है, तो रेलवे तत्काल निर्णय लेकर ट्रेन ऑन डिमांड सेवा शुरू करेगा। उन्होंने बताया कि रविवार को ही दानापुर मंडल में 15 विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं, ताकि परीक्षार्थियों को समय पर उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जा सके।
उधर, पाटलिपुत्र स्टेशन पर हुई हिंसा और अव्यवस्था के मामले में रेलवे और पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। घटना के दौरान हुए पथराव में पटना के आईजी समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान घायल हो गए थे। इसके बाद उपद्रवियों की पहचान का काम तेज कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन फोटो और वीडियो फुटेज के आधार पर हंगामा करने वाले लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रहा है।
पटना रेंज के आईजी जितेंद्र राणा ने बताया कि स्टेशन परिसर में मौजूद अधिकांश छात्र शांत थे, लेकिन छात्रों की भीड़ में शामिल करीब दो से ढाई सौ असामाजिक तत्व लगातार माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने और करीब दो घंटे तक स्टेशन परिसर में उपद्रव करते रहे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने, हवाई फायरिंग करने और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।
रेल एसपी अशोक कुमार ने बताया कि घटना के समय प्लेटफॉर्म पर सीमांचल एक्सप्रेस और मधुबनी स्पेशल ट्रेन पहले से खड़ी थीं। इसके अलावा परीक्षार्थियों के लिए अलग से ट्रेन की व्यवस्था भी की जा रही थी। उन्होंने कहा कि रात करीब 11:45 बजे तीन से चार सौ युवक स्टेशन पहुंचे और ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इन लोगों ने अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग रखी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन के बाद एक घंटे के भीतर स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा कर दी गई थी। रात करीब 2:10 बजे ट्रेन भी स्टेशन पर पहुंच गई थी। अधिकारियों ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि यह ट्रेन उन्हें सुबह सात बजे तक उनके गंतव्य तक पहुंचा देगी और किसी की परीक्षा नहीं छूटेगी। इसके बावजूद कुछ लोग लगातार हंगामा करते रहे।
रेलवे का कहना है कि अधिकांश छात्र ट्रेन में सवार हो गए थे और यात्रा के लिए तैयार थे, लेकिन कुछ उपद्रवी तत्व पूरी व्यवस्था को बाधित कर रहे थे। यही लोग बार-बार ट्रैक पर बैठ रहे थे और रेलवे संचालन प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। जब स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी, तब पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।
अब रेलवे प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और रेल सेवाओं में बाधा डालने वालों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त ट्रेनों और ट्रेन ऑन डिमांड व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।