Passport Rules 2026 : विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए पासपोर्ट से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने बच्चों के पासपोर्ट की वैधता को लेकर नियमों में बदलाव किया है। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी नए प्रावधान के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों को जारी 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की वैधता अब 5 साल होगी। हालांकि, इसमें उम्र को लेकर एक महत्वपूर्ण शर्त भी रखी गई है।

नए नियम के अनुसार, पासपोर्ट जारी होने के बाद यदि बच्चा 5 साल पूरे होने से पहले ही 18 वर्ष की उम्र पूरी कर लेता है, तो पासपोर्ट उसी समय अमान्य हो जाएगा। यानी बच्चे के पासपोर्ट की वैधता 5 साल या 18 साल की उम्र—जो भी पहले आए, वहीं तक रहेगी।

15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नया नियम

मान लीजिए किसी बच्चे का पासपोर्ट 10 साल की उम्र में बनता है। ऐसी स्थिति में पासपोर्ट की सामान्य वैधता 5 साल होगी और बच्चा 15 साल की उम्र तक इसका इस्तेमाल कर सकेगा। वहीं अगर किसी बच्चे का पासपोर्ट 14 साल की उम्र में बनता है तो उसे 5 साल की वैधता वाला पासपोर्ट जारी किया जाएगा, लेकिन बच्चा 18 साल का होते ही उसकी वैधता समाप्त हो जाएगी।इस बदलाव को बच्चों के पासपोर्ट से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन माना जा रहा है, क्योंकि अब अभिभावकों को पासपोर्ट की वैधता तय करते समय बच्चे की उम्र का भी ध्यान रखना होगा।

17 सितंबर को राजपत्र में प्रकाशित हुआ संशोधन

विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियम संशोधन नियम, 2026 को 17 सितंबर 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया है। इसके माध्यम से वर्ष 1980 के पासपोर्ट नियमों में बदलाव किया गया है।संशोधित नियम 12(1ए) में बच्चों के 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की वैधता से जुड़ा नया प्रावधान जोड़ा गया है। इसके साथ ही पासपोर्ट आवेदन शुल्क से संबंधित नियम 8 में भी बदलाव किया गया है। अब अलग-अलग श्रेणी के आवेदनों के लिए शुल्क अनुसूची-4 में निर्धारित राशि के अनुसार लिया जाएगा।हालांकि, सितंबर में किए गए इस नियम संशोधन का मतलब यह नहीं है कि पासपोर्ट की फीस अब बढ़ाई गई है। पासपोर्ट शुल्क में बढ़ोतरी इससे पहले ही की जा चुकी है।

जुलाई से महंगा हो चुका है पासपोर्ट बनवाना

पासपोर्ट की फीस में बदलाव 20 जून 2026 को किया गया था और नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू हो चुकी हैं। इसके बाद सामान्य पासपोर्ट बनवाना पहले की तुलना में महंगा हो गया है।36 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है। वहीं तत्काल सेवा के तहत इसी पासपोर्ट के लिए अब 5,000 रुपये देने होते हैं, जबकि पहले शुल्क 3,500 रुपये था।इसी तरह 60 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 2,000 रुपये से बढ़कर 3,500 रुपये हो गई है। तत्काल सेवा में इसकी फीस भी 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दी गई है।पासपोर्ट खो जाने या खराब होने की स्थिति में 60 पन्नों वाला पासपोर्ट तत्काल बनवाने पर भी शुल्क बढ़ा है। अब इसके लिए 8,500 रुपये देने होंगे, जबकि पहले यह राशि 5,500 रुपये थी।

बच्चों का पासपोर्ट बनवाने में कितने रुपये लगेंगे?

18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 36 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस भी बढ़ चुकी है। अब इसके लिए 1,750 रुपये का शुल्क निर्धारित है। पहले बच्चों के सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,000 रुपये थी। अगर अभिभावक बच्चे का पासपोर्ट तत्काल सेवा के तहत बनवाते हैं तो इसके लिए 3,000 रुपये का भुगतान करना होगा।

8 साल तक के बच्चों को मिलती रहेगी छूट

पासपोर्ट फीस में बढ़ोतरी के बावजूद कुछ आयु वर्ग के लोगों को मिलने वाली छूट जारी रहेगी। 8 साल तक के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को नए पासपोर्ट के आवेदन पर 10 फीसदी की छूट मिलती रहेगी।हालांकि, यह छूट पासपोर्ट के रिन्यूअल या रिप्लेसमेंट के आवेदन पर लागू नहीं होगी। इसलिए पहली बार पासपोर्ट बनवाने वाले पात्र बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को इस छूट का लाभ मिल सकता है।

अभिभावक आवेदन से पहले जरूर जांच लें वैधता

नए नियम के बाद बच्चों के पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले अभिभावकों के लिए सबसे जरूरी बात बच्चे की उम्र होगी। खासकर 14 से 17 साल की उम्र में पासपोर्ट बनवाने वालों को यह समझना होगा कि पासपोर्ट भले ही 5 साल के लिए जारी हो, लेकिन 18 साल की उम्र पूरी होते ही उसकी वैधता खत्म हो जाएगी।

इसलिए विदेश यात्रा की योजना बनाने वाले परिवारों को पासपोर्ट की वैधता के साथ-साथ बच्चे की उम्र और यात्रा की तारीख को भी ध्यान में रखना जरूरी होगा। नए संशोधन के बाद बच्चों के पासपोर्ट से जुड़े नियम पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट हो गए हैं।