Pappu Yadav FIR: हमेशा विवादों को लेकर चर्चा में रहने वाले पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव एक बार फिर विवाद में नजर आ रहे हैं. पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल के पास उनके काफिले से जुड़े लोगों पर एक सरकारी कर्मचारी ने मारपीट करने, सिर पर हमला करने और गले से सोने की चेन छीनने का आरोप लगाया है. मामले को लेकर गर्दनीबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है.
दरअसल शिकायतकर्ता अरविंद कुमार के मुताबिक, वह न्यू जक्कनपुर इलाके में रहता हैं और वर्तमान में पुराने सचिवालय में प्रतिनियुक्त हैं. उसका कहना है कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे वह बाइक से कार्यालय जा रहा था. इसी दौरान गर्दनीबाग धरना स्थल के पास एक काले रंग की स्कॉर्पियो ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी. उसने अपनी शिकायत में दावा किया है कि यह गाड़ी पूर्णिया सांसद पप्पू यादव के काफिले से जुड़ी थी.
अरविंद कुमार का आरोप है कि टक्कर के बाद जब उसने स्कॉर्पियो को रोकने की कोशिश की तो गाड़ी में सवार कई लोग नीचे उतर आए. इसके बाद उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई.
शिकायत में पिस्तौल की बट से सिर पर हमला करने का आरोप
अरविंद कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि पुरुषोत्तम नाम के व्यक्ति ने पिस्तौल की बट से उसके सिर पर हमला किया. उसका कहना है कि हमले में सिर में चोट लगी और खून निकलने लगा.
इसके बाद उसने राजेश रंजन उर्फ पप्पू पर स्कॉर्पियो में रखे लोहे के रॉड से उसके दाहिने हाथ पर हमला करने और गले से करीब दो तोला सोने की चेन छीनने का आरोप लगाया है. वहीं प्रेमचंद्र नाम के व्यक्ति पर भी लोहे की रॉड से सिर पर हमला करने का आरोप लगाया गया है.
शिकायतकर्ता का दावा है कि इसके अलावा मौजूद अन्य लोगों ने भी उसे घेरकर पीटा. उसने आरोप लगाया है कि ये सभी लोग पप्पू यादव के साथ थे और मारपीट उनकी मौजूदगी में हुई.
अरविंद कुमार ने अपनी शिकायत में सीधे सांसद पप्पू यादव पर भी गंभीर आरोप लगाया है. उसका कहना है कि मारपीट सांसद के कहने पर की गई. हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है.
मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई. शिकायत में राजीव रंजन कुमार, प्रभाष चंद शर्मा समेत अन्य लोगों के मौके पर पहुंचने का जिक्र किया गया है.
दूसरे पक्ष ने लगाया गाड़ी का शीशा तोड़ने का आरोप
इस मामले में दूसरे पक्ष की ओर से अलग दावा भी सामने आया है. पप्पू यादव के समर्थकों की ओर से कहा गया है कि विवाद की शुरुआत गाड़ी का शीशा तोड़े जाने के बाद हुई. ऐसे में घटना की वास्तविक वजह और मारपीट में किसकी क्या भूमिका रही, यह पुलिस जांच के बाद ही साफ हो सकेगा.
घटना के बाद अरविंद कुमार गर्दनीबाग थाने पहुंचा. मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने उसका मेडिकल कराया है और शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस घटना के दौरान मौजूद लोगों, काफिले में शामिल वाहनों और आसपास के साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है.