Pappu Yadav Statement:पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में हुए विधानसभा चुनावों की मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों में पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बढ़त बनाते हुए कई सीटों पर बढ़त हासिल कर ली है। वहीं असम में भी बीजेपी बहुमत के आंकड़े को पार करती नजर आ रही है। इन रुझानों के बीच सियासी माहौल गरम है और सभी की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं।


पश्चिम बंगाल की 294 सीटों पर जारी मतगणना में टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। शुरुआती रुझानों में बीजेपी 197 सीटों पर बढ़त बनाए हुए बताई जा रही है, जिसके आधार पर कयास लगाए जा रहे हैं कि राज्य में सत्ता परिवर्तन हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह ममता बनर्जी के लंबे शासन के बाद एक बड़ा राजनीतिक बदलाव माना जाएगा और पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनेगी।


इसी बीच बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव का एक पुराना बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह बयान चुनाव परिणाम से कुछ दिन पहले का बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि यदि पश्चिम बंगाल में बीजेपी जीत जाती है, तो वह सेवा, मदद और इंसाफ के लिए संघर्ष करना छोड़ देंगे।


पप्पू यादव ने अपने बयान में यह भी कहा था कि उन्हें पूरा भरोसा है कि बंगाल की जनता बीजेपी का सफाया कर देगी और ममता बनर्जी ही जीतेंगी। उनके इस बयान ने उस समय सियासी गलियारों में हलचल मचा दी थी।


अब जब चुनावी रुझान बीजेपी के पक्ष में जाते दिख रहे हैं, तो सोशल मीडिया पर लोग पप्पू यादव के उसी बयान को लेकर सवाल उठा रहे हैं। यूजर्स पूछ रहे हैं कि क्या वाकई पप्पू यादव अपने बयान पर कायम रहेंगे और सेवा व संघर्ष से दूरी बना लेंगे? इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक बयानों और उनकी विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है।