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15-Mar-2026 02:13 PM
By First Bihar
BIHAR NEWS : राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और पंचायत स्तर पर सरकारी सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य को गति देने की दिशा में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन पंचायत सरकार भवनों के लिए 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जारी करने की मंजूरी दी है। इस अतिरिक्त आवंटन के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जिन जिलों में धन की कमी के कारण निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा था, वहां अब काम में तेजी आएगी।
दरअसल, पंचायती राज विभाग की हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में यह सामने आया कि कई जिलों में पंचायत सरकार भवनों का निर्माण कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। विभागीय अधिकारियों द्वारा की गई जांच में पाया गया कि कई परियोजनाओं में धन की कमी के कारण काम प्रभावित हो रहा था। इसके बाद पंचायती राज विभाग ने इस समस्या को दूर करने के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव पर विचार करने के बाद वित्त विभाग ने 500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी दे दी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार राज्य भर में फिलहाल करीब दो हजार पंचायत सरकार भवनों के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। इन भवनों का निर्माण कार्य स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन (Local Area Engineering Organization) के माध्यम से कराया जा रहा है। सरकार की योजना है कि इन भवनों के निर्माण के बाद पंचायत स्तर पर प्रशासनिक और जनसेवा से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जा सकें।
सरकार ने इन भवनों के निर्माण के लिए क्षेत्र के अनुसार लागत भी तय की है। सामान्य क्षेत्रों में एक पंचायत सरकार भवन के निर्माण पर लगभग 1 करोड़ 99 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भवन निर्माण की लागत अधिक रखी गई है। इन क्षेत्रों में एक भवन के निर्माण पर करीब 2 करोड़ 86 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में भवनों को इस तरह से तैयार किया जाएगा कि वे प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर सकें और लंबे समय तक सुरक्षित रह सकें।
पंचायत सरकार भवनों को केवल कार्यालय के रूप में ही नहीं बल्कि बहुउद्देशीय केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। सामान्य क्षेत्रों में भी इन भवनों का निर्माण आधुनिक सुविधाओं के साथ किया जाएगा, हालांकि इनका क्षेत्रफल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बनने वाले भवनों की तुलना में थोड़ा कम होगा।
इन भवनों के एक तल पर कई महत्वपूर्ण जनसेवाओं को उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें पुस्तकालय, डाकघर और बैंकिंग सुविधा जैसी सेवाएं शामिल होंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। इससे ग्रामीण प्रशासन को भी मजबूती मिलेगी और लोगों को एक ही स्थान पर कई सरकारी सेवाएं मिल सकेंगी।
इसके अलावा पंचायत सरकार भवन परिसर में सुधा होल डे मिल्क पार्लर खोलने की भी योजना बनाई गई है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में दूध और दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। सरकार का मानना है कि पंचायत सरकार भवन ग्रामीण विकास के केंद्र के रूप में काम करेंगे।
पंचायती राज विभाग के अपर सचिव ने बताया कि 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि के उपयोग और निकासी से संबंधित विस्तृत आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे। आदेश जारी होने के बाद संबंधित जिलों को यह राशि उपलब्ध करा दी जाएगी, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी और लंबित परियोजनाओं को जल्द पूरा किया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य है कि पंचायत सरकार भवनों का निर्माण समय पर पूरा हो, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं को मजबूत किया जा सके और आम लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।