Bihar Bhumi: सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर बिहार सरकार सख्त, 30 साल पुराना कब्जा भी नहीं होगा मान्य BPSC TRE 4 Vacancy : बिहार में चौथे चरण में 44 हजार शिक्षकों की होगी बहाली, फरवरी अंत या मार्च में आ सकता है विज्ञापन Bihar Hospitals Notice : बिहार में 400 अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी, BSPCB का नोटिस जारी; जानिए क्या है वजह Budget Session : बिहार विधानसभा बजट सत्र का तीसरा दिन, प्रश्नकाल से होगी कार्यवाही की शुरुआत; तेजस्वी यादव भी आज रखेंगे अपनी बात Bihar weather :फरवरी में बिहार का बदला-बदला मौसम, दिन में गर्मी तो रात में ठंड, IMD ने जताई और गिरावट की संभावना मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन
28-Jun-2025 11:16 AM
By FIRST BIHAR
Bihar News: पटना जिले के बाढ़ स्थित एनटीपीसी के सुपर थर्मल पावर प्लांट की एक और यूनिट चालू हो गई है। बाढ़ बिजली घर की स्टेज-1 की तीसरी और अंतिम यूनिट का सफल संचालन पूरा हो चुका है, जिससे अब बिहार को बिजली आपूर्ति का रास्ता और भी सुगम हो गया है।
660 मेगावाट क्षमता वाली इस यूनिट का सफल ट्रायल 5 जून को संपन्न हुआ था और अब इससे 1 जुलाई से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होगा। इस यूनिट से बिहार को 370 मेगावाट बिजली प्राप्त होगी। बाढ़ बिजली घर की इससे पहले चालू की गई 660 मेगावाट की चार यूनिट्स से पहले ही बिहार को बिजली मिल रही है।
अब पांचवीं यूनिट के संचालन से बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 3300 मेगावाट हो जाएगी। स्टेज-1 की तीनों यूनिट्स (3×660 मेगावाट) से बिहार को 56.08% हिस्सेदारी के तहत 1110 मेगावाट बिजली आवंटित है। वहीं, स्टेज-2 की दो यूनिट्स (2×660 मेगावाट) से 86.04% हिस्सेदारी के तहत 1136 मेगावाट बिजली बिहार को मिलेगी।
इस प्रकार, बाढ़ परियोजना की कुल 3300 मेगावाट स्थापित क्षमता में से बिहार को कुल 2246 मेगावाट बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। इससे राज्य को बिजली की अधिक मांग वाली अवधि में निर्बाध आपूर्ति मिल सकेगी, और आने वाले वर्षों में बिजली संसाधनों की पर्याप्तता सुनिश्चित करने में भी यह परियोजना अहम भूमिका निभाएगी।