PATNA: पटना के नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NSMCH) में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बर्नआउट, माइंडफुलनेस, तनाव प्रबंधन और चिकित्सा पेशेवरों के मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा हुई।
नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (NSMCH), पटना के मनोचिकित्सा विभाग द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बर्नआउट (कार्य से उत्पन्न मानसिक एवं भावनात्मक थकान), माइंडफुलनेस, तनाव प्रबंधन तथा चिकित्सा पेशेवरों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. बिंदेय कुमार, कुलपति, बिहार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BUHS), पटना एवं निदेशक, इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS), पटना उपस्थित रहे। इस अवसर पर एनएसएमसीएच, पटना के प्रबंध निदेशक माननीय श्री कृष्ण मुरारी, प्राचार्य डॉ. हरिहर दीक्षित, डीन डॉ. संजय कुमार तथा डॉ. अशोक सरन भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एनएसएमसीएच के मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश ने की। उन्होंने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और चिकित्सा पेशेवरों के मनोवैज्ञानिक कल्याण के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंतर्गत बर्नआउट और माइंडफुलनेस विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें निर्देशित ध्यान (Guided Meditation) और विभिन्न संवादात्मक गतिविधियों के माध्यम से मानसिक तनाव को नियंत्रित करने तथा मानसिक संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय बताए गए। इस कार्यशाला का संचालन डॉ. सौरभ शेखर, डॉ. पुरुषोत्तमा संघमित्रा एवं सुश्री प्रेरणा ने किया।
इसके अतिरिक्त, एम्स पटना के मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने “चिकित्सा पेशेवरों में तनाव और अवसाद” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कार्यस्थल पर तनाव, मानसिक थकान, शुरुआती लक्षणों की पहचान, समय पर उपचार तथा आत्म-देखभाल के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसके बाद प्रतिभागियों के साथ संवादात्मक चर्चा आयोजित की गई। इसके अतिरिक्त, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम “जीवन के अनुभव: वास्तविक जीवन, वास्तविक बदलाव” पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अनुभवों, चुनौतियों और उनके व्यावहारिक समाधानों पर विचार-विमर्श किया गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. राकेश, आयोजन अध्यक्ष, तथा डॉ. अर्चना सिंह और डॉ. सौरभ शेखर, आयोजन सचिवों के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने और कार्यस्थल पर सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण विकसित करने के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, इससे जुड़े सामाजिक भ्रम एवं कलंक को दूर करने तथा स्वास्थ्यकर्मियों के मनोवैज्ञानिक कल्याण को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया। साथ ही, इस बात पर जोर दिया गया कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए चिकित्सा पेशेवरों का मानसिक रूप से स्वस्थ रहना भी अत्यंत आवश्यक है।