PATNA: पटना के एतिहासिक गांधी मैदान में 7 मई को मंत्रिमंडल विस्तार और शपथ ग्रहण समारोह होगा। इसकी तैयारी चल रही है। बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार होने से पहले नीतीश कुमार अचानक जेडीयू पार्टी कार्यालय पहुंच गये। उनके पार्टी दफ्तर आने की खबर पहले से पार्टी के नेताओं को भी नहीं थी।


आवास से रवाना होने के बाद ही पार्टी नेताओं को इस बात का पता चला कि नीतीश कुमार दफ्तर आ रहे हैं। जिसके बाद वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार का स्वागत किया। इस दौरान नीतीश कुमार पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिले और उनसे बातचीत की। इस दौरान पूर्व मंत्री अशोक चौधरी भी मौजूद रहे। 


जेडीयू एमएलसी और नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले संजय गांधी ने कहा कि वो बराबर अक्सर जेडीयू कार्यालय आते हैं। पार्टी और यहां की व्यवस्था सब उन्ही का बनाया हुआ है। पहले मुख्यमंत्री के रूप में आते थे आज एक नेता के रूप में वर्कर और साथियों से मिलते रहते हैं। उनके आने की जानकारी हम लोगों को भी नहीं थी। अचानक मालूम हुआ कि चल दिये हैं यहां आ रहे हैं। पार्टी कार्यालय में आते हैं तब एक-एक चीज का जायजा लेते हैं। कहते रहते हैं कि जिस तरह से बनाये हैं उसको व्यवस्थित रखें हैं या नहीं। जब भी यहां आते हैं कार्यकर्ताओं और नेताओं से मिलते हैं और पार्टी को आगे बढ़ाने की बातें करते रहते हैं। 


बता दें कि बिहार में नई सरकार के गठन के बाद 7 मई को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य कैबिनेट विस्तार समारोह आयोजित किया जाएगा। इसे लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। वीवीआईपी कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। साथ ही विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भी इस बड़े आयोजन में मौजूद रहेंगे। 


दरअसल, पांच राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनाव के कारण बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार टल गया था। अब तीन राज्यों में एनडीए की जीत के बाद गठबंधन उत्साहित है और इसी ऊर्जा के साथ शपथ ग्रहण समारोह को भव्य रूप देने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि नीतीश कुमार ने 2025 में हुए शपथ ग्रहण के दौरान गांधी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन इस बार केवल मंत्रियों का सामूहिक शपथ ग्रहण होगा। गांधी मैदान के इतिहास में यह पहली बार होगा जब मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि सिर्फ मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित होने वाले मंत्रियों के शपथग्रहण समारोह को राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।


पटना से प्रेम राज की रिपोर्ट