बिहार की राजनीति आज एक अहम मोड़ पर खड़ी है, जहां मुख्यमंत्री Nitish Kumar की अध्यक्षता में मौजूदा सरकार की आखिरी कैबिनेट बैठक शुरू हो गई है। सुबह 11 बजे शुरू हुई यह बैठक महज औपचारिक नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। माना जा रहा है कि इस बैठक में वर्तमान कैबिनेट को भंग करने का फैसला लिया जाएगा, जिसके साथ ही मौजूदा सरकार का कार्यकाल औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा।


सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री Nitish Kumar दोपहर बाद लोक भवन जाएंगे, जहां वे करीब 3 बजे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसके साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी। यह इस्तीफा पहले से तय राजनीतिक घटनाक्रम का हिस्सा माना जा रहा है, जिस पर पिछले कई दिनों से सियासी हलचल जारी थी।


इधर, सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए के भीतर भी हलचल तेज हो गई है। कैबिनेट बैठक के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) समेत एनडीए के सभी सहयोगी दलों में विधायक दल की बैठकें होंगी। इन बैठकों का उद्देश्य अपने-अपने दलों के विधायक दल का नेता चुनना है, जो आगे की रणनीति और सरकार गठन की दिशा तय करेगा।


दोपहर 2 बजे मुख्यमंत्री आवास, एक अणे मार्ग पर जेडीयू विधायकों की अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सभी विधायक मौजूद रहेंगे और विधायक दल का नेता चुना जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर खास तौर पर इस बात पर टिकी है कि जेडीयू अपने विधायक दल का नेता किसे चुनती है, क्योंकि यह फैसला राज्य की सत्ता की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


वहीं, शाम 4 बजे एनडीए विधायक दल की संयुक्त बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में गठबंधन का नेता चुना जाएगा, जो बिहार का अगला मुख्यमंत्री बन सकता है। इस प्रक्रिया में जेडीयू और बीजेपी के बीच तालमेल और सहमति सबसे अहम मानी जा रही है। हालांकि अभी तक किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन सियासी गलियारों में कई नामों की चर्चा तेज है।


माना जा रहा है कि एनडीए नेतृत्व इस बार नेतृत्व परिवर्तन के जरिए नई राजनीतिक रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहता है। ऐसे में यह भी संभव है कि मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नए चेहरे को मौका दिया जाए, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय विधायक दल की बैठक में ही लिया जाएगा।


आज का दिन बिहार की राजनीति के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से राज्य की सत्ता संभाल रहे Nitish Kumar के इस्तीफे के साथ एक युग का अंत और नई राजनीतिक पारी की शुरुआत होने जा रही है। अब सभी की निगाहें शाम की बैठकों और एनडीए के फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि बिहार की सत्ता की बागडोर आगे किसके हाथों में जाएगी।