BIHAR NEWS : बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़े बदलाव की चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद अब उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की अटकलें भी जोर पकड़ रही हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वे 14 अप्रैल को सीएम पद से इस्तीफा दे सकते हैं और इसके तुरंत बाद बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार शाम नीतीश कुमार दिल्ली से पटना लौट आए। पटना पहुंचते ही उन्होंने अपने सरकारी आवास पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें नई सरकार में JDU की आगे की भूमिका, संभावित राजनीतिक रणनीति, मंत्रियों की संख्या और नए चेहरों को लेकर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
बैठक में यह भी तय किया जा सकता है कि सरकार में बदलाव होता है तो पार्टी किस तरह की रणनीति अपनाएगी और गठबंधन की स्थिति क्या होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक आने वाले दिनों में बिहार की सत्ता समीकरण को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है।
इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद से ही विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या नीतीश कुमार के बिहार से जाने के बाद जेडीयू को वहीँ मजबूती बिहार में बनी रहेगी या फिर उनके इस फैसले का असर पार्टी और वोट बैंक पर भी आएगा।हालांकि, जेडीयू ने एक सधी हुई रणनीति के तहत नीतीश कुमार के पुत्र निशांत को भी राजनीति में एक्टिव कर दिया है जिससे यह माना जा रहा है पार्टी में जो चर्चा है कमजोर होने की या वोट बिखराव का उसपर लगाम लग जाएगा,इसकी एक वजह यह भी है की नई सरकार में निशांत की अहम भूमिका होने जा रही है इसकी प्रबल संभावना है।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर बिहार सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय चौधरी ने स्थिति को लेकर तुरंत किसी भी बड़े बदलाव की संभावना से इनकार किया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने से बिहार में सरकार बदलने की कोई तत्काल प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “सदस्यता ग्रहण करने से सरकार नहीं बनती, सरकार बनती है इस्तीफा देने से। शपथ लेने से सरकार नहीं बदलती। अभी कोई बदलाव नहीं है, इंतजार कीजिए।”
विजय चौधरी के इस बयान को राजनीतिक हलकों में काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे यह संकेत मिलता है कि फिलहाल सरकार परिवर्तन की कोई आधिकारिक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है, लेकिन संभावनाओं से इनकार भी पूरी तरह नहीं किया गया है।
इधर, जनता दल यूनाइटेड के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि बैठक में संगठनात्मक मजबूती और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि नेतृत्व परिवर्तन या सत्ता परिवर्तन की स्थिति बन रही है तो पार्टी किस तरह से अपनी भूमिका तय करेगी।
कुल मिलाकर, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और संभावित इस्तीफे की चर्चाओं ने बिहार की राजनीति में नई गर्मी ला दी है। अब सभी की नजरें 14 अप्रैल और उसके बाद होने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी हैं, जो राज्य की सत्ता की दिशा और दशा तय कर सकते हैं।