Bihar Politics : बिहार की सियासत में इन दिनों जदयू के अंदर चल रहा अनंत सिंह और नीरज कुमार का विवाद लगातार चर्चा में है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुका है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के आवास पर गुरुवार को अहम बैठक हुई। बैठक खत्म हो गई है, लेकिन इसके बाद भी कई सवालों के जवाब नहीं मिल पाए हैं।
नीतीश कुमार के आवास पर हुई इस बैठक में जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और उपमुख्यमंत्री विजेंद्र यादव मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि बैठक का मुख्य मुद्दा अनंत सिंह और जदयू के प्रत्याशी नीरज कुमार के बीच चल रहा विवाद था। दोनों नेताओं के बीच पिछले कुछ दिनों से लगातार बयानबाजी हो रही है और मामला अब पार्टी के भीतर चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है।
बैठक खत्म होने के बाद संजय झा और विजेंद्र यादव ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। दोनों नेता बिना किसी सार्वजनिक बयान के वहां से निकल गए। ऐसे में बैठक के भीतर क्या चर्चा हुई और क्या कोई फार्मूला तैयार किया गया, इसे लेकर सियासी गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं।
दरअसल, पटना स्नातक सीट के चुनाव को लेकर जदयू के विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। अनंत सिंह ने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह को समर्थन देने का ऐलान किया है। अब आज उनके साथ नामांकन कार्यक्रम में शामिल भी हुए और साफ़ -साफ़ कह दिया की अनुज मेरे कैंडिडेट पहले हैं बाद में जनसुराज के हैं। इसके बाद जदयू के भीतर इस विवाद को लेकर नेतृत्व की चिंता बढ़ी है।
अनंत सिंह लगातार नीरज कुमार पर निशाना साध रहे हैं। उनका कहना है कि नीरज कुमार ने पहले भी उनके खिलाफ चुनावों में विरोध किया है। दूसरी ओर नीरज कुमार भी सार्वजनिक तौर पर जवाब दे चुके हैं और उन्होंने अनंत सिंह के आरोपों पर सवाल उठाए हैं। दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी का यह सिलसिला पार्टी के लिए असहज स्थिति पैदा कर रहा है।
इससे पहले भी जदयू नेतृत्व की ओर से दोनों नेताओं के बीच सुलह कराने की कोशिश हो चुकी है। सितंबर की शुरुआत में अनंत सिंह और नीरज कुमार की पार्टी कार्यालय में बैठक हुई थी। उस समय विवाद को शांत करने की कोशिश की गई थी, लेकिन कुछ दिनों बाद अनंत सिंह फिर नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर सामने आ गए।
अब एक बार फिर नीतीश कुमार के स्तर पर हुई बैठक को इसी विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। बैठक में संजय झा और विजेंद्र यादव की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, बैठक में क्या रणनीति बनी, क्या दोनों पक्षों को कोई संदेश दिया गया या विवाद को खत्म करने के लिए कोई जिम्मेदारी तय की गई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
सबसे खास बात यह है कि बैठक खत्म होने के बाद दोनों बड़े नेताओं ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। न कोई बयान आया और न ही बैठक के एजेंडे को लेकर कोई औपचारिक जानकारी दी गई। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि जदयू नेतृत्व इस विवाद को किस तरह सुलझाता है और क्या अनंत सिंह अपने रुख में बदलाव करते हैं।
पटना स्नातक सीट का चुनाव नजदीक आने के साथ ही अनंत सिंह और नीरज कुमार का विवाद जदयू के लिए अहम राजनीतिक चुनौती बन गया है। अब नीतीश कुमार के आवास पर हुई इस बैठक के बाद आगे पार्टी की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सबकी नजर है।