Bihar MLC Election 2026: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मतदान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक जदयू कार्यालय पहुंचे। नीतीश कुमार के पार्टी कार्यालय पहुंचने की खबर सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। नीतीश कुमार करीब 10 मिनट तक पार्टी कार्यालय में रहे। इस दौरान जदयू के प्रदेश अध्यक्ष समेत पार्टी के कुछ प्रमुख नेता वहां मौजूद रहे।
कुछ देर पार्टी कार्यालय में रुकने के बाद नीतीश कुमार अपने आवास के लिए रवाना हो गए। हालांकि, इस संक्षिप्त मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन जिस समय नीतीश कुमार जदयू दफ्तर पहुंचे, वह राजनीतिक रूप से काफी अहम है। बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान हो रहा है और इसी बीच उनका पार्टी कार्यालय पहुंचना चर्चा का विषय बन गया है।
मतदान के बीच JDU दफ्तर पहुंचे नीतीश
बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए मतदान जारी है। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला मतदाताओं के हाथ में है। ऐसे में मतदान के दिन राजनीतिक दल भी अपनी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। इसी बीच नीतीश कुमार का अचानक जदयू कार्यालय पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है। पार्टी कार्यालय में उन्होंने करीब 10 मिनट बिताए और प्रदेश अध्यक्ष के साथ मुलाकात की। हालांकि, यह मुलाकात सामान्य संगठनात्मक चर्चा थी या चुनाव से जुड़ी कोई रणनीतिक बातचीत, इसको लेकर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
आठ सीटों पर हो रहा है मुकाबला
बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों के लिए अलग-अलग राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव मैदान में अपनी ताकत झोंकी है।पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मुकाबला इस बार खास तौर पर सुर्खियों में है। यहां जदयू के वरिष्ठ नेता और मौजूदा विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार चुनाव मैदान में हैं। उनके सामने जन सुराज समर्थित प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह और आरजेडी के दिलीप कुमार समेत अन्य उम्मीदवार हैं। चुनाव प्रचार के दौरान भी इस सीट को लेकर सियासी बयानबाजी और अंदरूनी समीकरण चर्चा में रहे हैं।
मतदान के बीच नेताओं की गतिविधियों पर नजर
एमएलसी चुनाव का मतदान आम विधानसभा चुनाव से अलग होता है। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता अपने पसंदीदा प्रत्याशी के पक्ष में वोट करते हैं। ऐसे में राजनीतिक दल अंतिम समय तक मतदाताओं के रुख और अपने संगठन की सक्रियता पर नजर रखते हैं।
शुक्रवार को मतदान के बीच नीतीश कुमार का जदयू कार्यालय पहुंचना इसी वजह से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी कार्यालय में उनकी मौजूदगी ने जदयू के भीतर चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर भी चर्चाओं को हवा दी है। हालांकि, नीतीश कुमार की इस मुलाकात को लेकर जदयू की ओर से फिलहाल कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष के साथ किन मुद्दों पर बातचीत की।
नतीजों पर टिकी सभी की नजर
विधान परिषद की आठ सीटों पर हो रहे मतदान के बाद अब सभी की नजर चुनाव परिणाम पर रहेगी। मतदान खत्म होने के बाद प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के बीच जीत-हार को लेकर दावे और तेज होने की संभावना है। फिलहाल मतदान के दिन नीतीश कुमार का पार्टी कार्यालय पहुंचना बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का नया विषय बन गया है। करीब 10 मिनट की इस मुलाकात में क्या चुनावी रणनीति पर कोई अहम बातचीत हुई या यह सिर्फ संगठनात्मक स्तर की सामान्य मुलाकात थी, इसका जवाब आने वाले समय में ही साफ होगा।