Bihar Politics : पटना में अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद के बीच जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार शुक्रवार को अचानक पार्टी कार्यालय पहुंचे। नीतीश कुमार के जेडीयू दफ्तर पहुंचने की खबर सामने आते ही पार्टी के अंदर हलचल तेज हो गई। खास बात यह रही कि नीतीश कुमार पार्टी कार्यालय में करीब 10 मिनट ही रुके और इसके बाद वापस अपने आवास लौट गए।
नीतीश कुमार के इस अचानक पार्टी कार्यालय पहुंचने को अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच चल रहे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी और राजनीतिक खींचतान ने जेडीयू के भीतर भी चर्चा बढ़ा दी है। ऐसे में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का अचानक कार्यालय पहुंचना कई सवाल खड़े कर रहा है।
बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार जेडीयू कार्यालय पहुंचे और वहां करीब 10 मिनट तक पार्टी से जुड़े लोगों के साथ बातचीत की। हालांकि इस दौरान क्या चर्चा हुई और किन मुद्दों पर बात हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। करीब 10 मिनट बाद नीतीश कुमार पार्टी कार्यालय से निकलकर अपने आवास के लिए रवाना हो गए।
नीतीश कुमार के लौटने के कुछ ही देर बाद उनके बेटे और बिहार सरकार में मंत्री निशांत कुमार भी जेडीयू कार्यालय पहुंच गए। निशांत कुमार के पार्टी कार्यालय पहुंचने से राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया है। जिस वक्त अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद को लेकर जेडीयू में सियासी गतिविधियां बढ़ी हुई हैं, उसी दौरान नीतीश कुमार और फिर निशांत कुमार की पार्टी कार्यालय में मौजूदगी को अहम माना जा रहा है।
दरअसल, अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद ने जेडीयू के सामने एक अलग तरह की चुनौती खड़ी कर दी है। दोनों नेताओं के समर्थकों की सक्रियता और लगातार सामने आ रही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच पार्टी नेतृत्व की भूमिका पर भी नजरें टिकी हुई हैं। इसी बीच जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पार्टी कार्यालय पहुंचना यह संकेत देता है कि पार्टी के भीतर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गतिविधियां बढ़ी हुई हैं।
इससे पहले इस विवाद को शांत कराने की जिम्मेदारी जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं के स्तर पर सामने आई थी। अब नीतीश कुमार के पार्टी कार्यालय पहुंचने और थोड़ी देर बाद निशांत कुमार के वहां पहुंचने से यह सवाल उठने लगा है कि आखिर पार्टी कार्यालय में इस समय कौन-सी रणनीति तैयार हो रही है। क्या अनंत सिंह और नीरज कुमार के विवाद को लेकर कोई बड़ा फैसला होने वाला है या फिर पार्टी नेतृत्व दोनों पक्षों के बीच संवाद का रास्ता तलाश रहा है, इस पर फिलहाल आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।
नीतीश कुमार का पार्टी कार्यालय जाना अपने आप में इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लंबे समय तक बिहार की राजनीति में जेडीयू के फैसलों और संगठनात्मक गतिविधियों के केंद्र में उनकी भूमिका रही है। ऐसे में विवाद के बीच उनका कार्यालय पहुंचना पार्टी के भीतर चल रही गतिविधियों को लेकर उत्सुकता बढ़ा रहा है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि नीतीश कुमार ने महज 10 मिनट में पार्टी कार्यालय में क्या बातचीत की और उनके लौटने के तुरंत बाद निशांत कुमार के वहां पहुंचने के पीछे क्या वजह है। अनंत सिंह और नीरज कुमार विवाद के बीच जेडीयू कार्यालय में हुई इन दोनों गतिविधियों ने बिहार की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है। अब नजर इस बात पर है कि पार्टी की ओर से इस पूरे मामले पर आगे क्या कदम उठाया जाता है।