ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News: हड़ताली CO को अंतिम चेतावनी, कल शाम तक काम पर लौटें वरना..., डिप्टी CM का ऐलान - जनहित से समझौता नहीं BIHAR NEWS : दिनदहाड़े बाइक सवार युवक की हत्या, पुलिस मामले की जांच में जुटी! पूरी खबर पढ़ें BIHAR NEWS : बेगूसराय में दिनदहाड़े Axis बैंक लूट! 6 नकाबपोश बदमाशों ने 3-4 लाख रुपये लूटे, गार्ड घायल Bihar News: क्लासमेट की पिटाई से छात्रा की मौत, परिजनों ने शिक्षक पर लगाया गंभीर आरोप BIHAR NEWS : SP के बॉडीगार्ड की दबंगई ! गैस एजेंसी संचालक को धमकी देकर बिना पैसे दिए जबरन उठाया सिलेंडर, ऑडियो और CCTV फूटेज हुआ वायरल कोर्ट में हुआ हंगामा! पत्नी, पति और प्रेमी आमने-सामने, 5 साल का मासूम फंसा बीच में – आप भी पढ़ें कौन ले गया बच्चे को? BIHAR NEWS : शराब के नशे में धुत ASI ने मचाया हंगामा, ग्रामीणों ने बनाया बंधक ! थाने की पुलिस ने खुद किया गिरफ्तार BIHAR NEWS : अब कारा कर्मियों को मिलेगा आरामदायक घर! बिहार सरकार बनाएगी 44 आधुनिक आवासीय भवन, जानिए कितने रुपए होंगे खर्च मछली कारोबार विवाद में खूनी खेल! चौकीदार के साले की पीट-पीटकर हत्या, फिर मारी गोली patna train accident : पटना-दीनदयाल उपाध्याय रेलखंड पर दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आए तीन मजदूर, मौके पर मौत

Home / bihar / patna-news / Bihar Politics : शरद यादव से ललन सिंह तक; अब फिर नीतीश कुमार...

Bihar Politics : शरद यादव से ललन सिंह तक; अब फिर नीतीश कुमार बने JDU के बॉस, जानिए अब तक कितनी दफा संभाल चुके हैं राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चौथी बार JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। बिना चुनाव निर्विरोध चयन, पार्टी में मजबूत पकड़ बरकरार।

24-Mar-2026 11:23 AM

By First Bihar

Bihar Politics : बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar को जनता दल यूनाइटेड (JDU) का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह तय हो गया कि इस पद के लिए उनके अलावा किसी अन्य नेता ने दावेदारी पेश नहीं की, जिसके कारण चुनाव की नौबत ही नहीं आई।


जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की अंतिम तिथि रविवार को समाप्त हो गई थी। इसके बाद नाम वापसी के लिए 24 मार्च को सुबह 11 बजे तक का समय निर्धारित था, लेकिन चूंकि कोई दूसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं था और नीतीश कुमार ने भी नाम वापस नहीं लिया, इसलिए उन्हें औपचारिक रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। यह उनका लगातार चौथा कार्यकाल होगा, जो पार्टी के भीतर उनकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है।


नीतीश कुमार का जदयू संगठन में यह सफर काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 2016 में जब Sharad Yadav ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद छोड़ा, तब पहली बार नीतीश कुमार ने इस जिम्मेदारी को संभाला। इसके बाद 2019 में भी उन्हें दोबारा अध्यक्ष बनाया गया। हालांकि 2020 में उन्होंने खुद ही इस पद से हटने का फैसला लिया और पार्टी की कमान RCP Singh को सौंप दी थी।


लेकिन यह बदलाव ज्यादा समय तक स्थायी नहीं रहा। संगठनात्मक परिस्थितियों और राजनीतिक समीकरणों के बीच 29 दिसंबर 2023 को Rajiv Ranjan Singh उर्फ ललन सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद एक बार फिर पार्टी की कमान नीतीश कुमार के हाथों में आ गई। तब से लेकर अब तक वे लगातार इस पद पर बने हुए हैं और अब औपचारिक रूप से फिर अध्यक्ष चुने गए हैं।


नीतीश कुमार का यह पुनर्नियुक्ति कई मायनों में अहम मानी जा रही है। एक तरफ जहां बिहार की राजनीति में नए समीकरण बन रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जदयू के अंदर उनका निर्विरोध चुना जाना यह संकेत देता है कि पार्टी में फिलहाल उनके नेतृत्व को कोई चुनौती नहीं है। संगठन पूरी तरह से उनके नियंत्रण में नजर आ रहा है और शीर्ष नेतृत्व पर सर्वसम्मति बनी हुई है।


हाल ही में नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए भी निर्वाचित हुए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासकर बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर नए चेहरे की संभावनाओं पर भी कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि इस पर पार्टी या सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नीतीश कुमार का एक साथ संगठन और सरकार दोनों पर पकड़ बनाए रखना जदयू के लिए स्थिरता का संकेत है। लगातार चौथी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना यह साबित करता है कि पार्टी के भीतर उनका कद अब भी सबसे बड़ा है और भविष्य की रणनीति भी उन्हीं के नेतृत्व में तय होगी।


कुल मिलाकर, जदयू में यह फैसला न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती का संकेत देता है, बल्कि बिहार की आगामी राजनीति के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है कि नीतीश कुमार अभी भी केंद्र में हैं और पार्टी उनके इर्द-गिर्द ही घूम रही है।