पटना: बिहार की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर विवाद तेज हो गया है। जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मामला पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े एक वीडियो को लेकर है, जिसे प्रशांत किशोर ने कथित तौर पर AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार किया गया वीडियो बताया था।

नीरज कुमार बुधवार को पटना के शास्त्री नगर थाना पहुंचे और प्रशांत किशोर के खिलाफ लिखित शिकायत दी। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर प्रशांत किशोर के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत के बाद उन्होंने कहा कि किसी भी संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति की छवि को खराब करने या भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वीडियो को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद

दरअसल, सोशल मीडिया पर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो को लेकर प्रशांत किशोर ने सवाल उठाते हुए इसे AI से बनाया गया वीडियो बताया था। उनके इस बयान के बाद जेडीयू नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई।

जेडीयू नेताओं का आरोप है कि प्रशांत किशोर ने बिना किसी ठोस प्रमाण के वीडियो को फर्जी या AI जनरेटेड बताकर भ्रम फैलाने का काम किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह के बयान से राजनीतिक विरोध के नाम पर गलत सूचना को बढ़ावा मिलता है।

नीरज कुमार ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल आज के समय में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन किसी भी वीडियो या सामग्री पर सवाल उठाने से पहले उसके तथ्यों की जांच जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर ने जानबूझकर ऐसा बयान दिया, जिससे नीतीश कुमार की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई।

पुलिस से कार्रवाई की मांग

जेडीयू एमएलसी ने अपनी शिकायत में कहा है कि मामले की जांच की जाए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस से यह भी मांग की है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने के मामले में नियमों के तहत कदम उठाया जाए। नीरज कुमार के मुताबिक, लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को प्रभावित करने वाली गलत जानकारी फैलाना उचित नहीं है।

प्रशांत किशोर पहले भी रहे हैं निशाने पर

गौरतलब है कि प्रशांत किशोर लगातार बिहार की राजनीति में सक्रिय हैं और सरकार तथा विपक्षी दलों पर अपने बयानों के जरिए निशाना साधते रहे हैं। वे कई मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्य सरकार पर सवाल उठाते रहे हैं। वहीं, जेडीयू नेताओं का कहना है कि प्रशांत किशोर राजनीतिक विरोध की सीमा पार कर रहे हैं। पार्टी नेताओं ने कई बार उनके बयानों पर आपत्ति जताई है।

AI वीडियो को लेकर बढ़ रही चिंता

इस पूरे विवाद ने AI तकनीक के इस्तेमाल को लेकर भी नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया के दौर में AI की मदद से बनाए गए फर्जी वीडियो और ऑडियो बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। राजनीतिक दलों के बीच भी अब इस तकनीक को लेकर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वीडियो की सत्यता जांचे बिना उसे असली या नकली बताना कई बार विवाद की वजह बन सकता है। ऐसे मामलों में तकनीकी जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार की शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच करेगी। अब देखना होगा कि इस विवाद में आगे क्या कार्रवाई होती है और प्रशांत किशोर की ओर से इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया आती है।