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08-Mar-2026 02:41 PM
By First Bihar
Bihar news : बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar ने रविवार को आधिकारिक रूप से राजनीति में कदम रख दिया। पटना में आज दोपहर करीब 1:30 बजे उन्होंने Janata Dal (United) की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष Sanjay Jha ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। निशांत कुमार की इस एंट्री को बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
जेडीयू की सदस्यता लेने के बाद निशांत कुमार ने लोकनायक Jayaprakash Narayan की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। यह कदम प्रतीकात्मक रूप से उस विचारधारा से जुड़ाव को दर्शाता है, जिसके आधार पर बिहार की राजनीति में कई बड़े आंदोलन खड़े हुए। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और उन्हें मिठाई खिलाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने अपने पापा नीतीश कुमार से मुलाकात किया इस दौरान सीएम ने उन्हें मिठाई भी खिलाई।
सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत कुमार ने अपना विजन भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि उनका सबसे बड़ा लक्ष्य बिहार की जनता के दिल में अपनी जगह बनाना है। उन्होंने कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार ने पिछले लगभग 20 वर्षों में बिहार के विकास के लिए जो काम किया है, उससे राज्य ही नहीं बल्कि पूरे देश में लोगों का भरोसा बना है। अब उनकी कोशिश होगी कि उस भरोसे को आगे भी कायम रखा जाए।
निशांत कुमार ने कहा कि राजनीति उनके लिए सिर्फ सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज की सेवा का एक बड़ा मंच है। उन्होंने कहा कि वे युवाओं, गरीबों और वंचित वर्ग के लिए काम करना चाहते हैं और बिहार के विकास की गति को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाना चाहते हैं।
जेडीयू की सदस्यता लेने के बाद निशांत कुमार ने लोकनायक Jayaprakash Narayan की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। यह कदम प्रतीकात्मक रूप से उस विचारधारा से जुड़ाव को दर्शाता है, जिसके आधार पर बिहार की राजनीति में कई बड़े आंदोलन खड़े हुए। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और उन्हें मिठाई खिलाकर आशीर्वाद लिया।
इस दौरान जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। खासकर पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा पूरे कार्यक्रम में उनके साथ दिखाई दिए। पार्टी कार्यकर्ताओं में भी निशांत कुमार की एंट्री को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निशांत कुमार की एंट्री से जेडीयू को भविष्य में नई ऊर्जा मिल सकती है। हालांकि उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद को एक सक्षम और लोकप्रिय नेता के रूप में स्थापित करने की होगी। उन्हें यह साबित करना होगा कि वे सिर्फ मुख्यमंत्री के बेटे नहीं, बल्कि अपनी पहचान और कार्यशैली के दम पर राजनीति में जगह बनाने आए हैं।
बिहार की राजनीति में पिछले कुछ समय से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। ऐसे में निशांत कुमार का राजनीति में आना जेडीयू के लिए रणनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे संगठन और जनता के बीच अपनी भूमिका किस तरह से निभाते हैं।