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04-Mar-2026 07:15 AM
By FIRST BIHAR
Bihar News: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए नीतीश कुमार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल अब लोक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर स्थापित किए जाएंगे। यह पहल ‘सात निश्चय पार्ट-3’ के तहत शुरू की गई है, जिसके अंतर्गत कई जिलों में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज खोलने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
इस योजना से खासतौर पर सहरसा और गोपालगंज के छात्रों और मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अब मेडिकल शिक्षा और बेहतर इलाज के लिए उन्हें अन्य शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के अधिकतम जिलों में मेडिकल शिक्षा और उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
PPP मॉडल के माध्यम से निजी निवेश लाकर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, अत्याधुनिक मशीनें और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज प्रस्तावित हैं, वहां जमीन चिह्नित कर स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी हो सकें।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने जानकारी दी कि गोपालगंज जिले के मांझा प्रखंड में मेडिकल कॉलेज के लिए 24 एकड़ 37 डिसमील भूमि चिह्नित कर हस्तांतरित की जा चुकी है। भूमि की तकनीकी जांच के लिए बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (BMSICL) की विशेषज्ञ टीम को स्थल निरीक्षण का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट मिलते ही PPP मोड पर निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह परिसर भविष्य में जिले के लिए एक प्रमुख ‘हेल्थ हब’ के रूप में विकसित होगा।
सहरसा में भी लंबे समय से मेडिकल कॉलेज की मांग की जा रही थी। सरकार की योजना अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से उन सभी जिलों को कवर करने की है, जहां अभी तक मेडिकल कॉलेज नहीं हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल मरीजों को बड़े शहरों की ओर पलायन से राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और मेडिकल शिक्षा के नए अवसर भी सृजित होंगे।