Bihar Railway: पटना के नेउरा-दनियावां नई रेल लाइन पर ट्रेन परिचालन शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस रेलखंड पर तकनीकी और परिचालन से जुड़े ज्यादातर काम पूरे कर लिए गए हैं। अब नियमित ट्रेन सेवा शुरू होने से पहले केवल रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) के निरीक्षण और अनुमति का इंतजार है।
स्टेशन और सिग्नल सिस्टम का काम पूरा
रेलवे ने इस रेलखंड के विभिन्न स्टेशनों पर स्टेशन मास्टर की तैनाती कर दी है। इसके अलावा सिग्नल एवं दूरसंचार व्यवस्था से जुड़े ऑटोमेटिक इंटरलॉकिंग (AI) का काम भी पूरा हो चुका है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम, दूरसंचार नेटवर्क और सुरक्षा से जुड़े अन्य कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। स्टेशन परिसरों में भी यात्रियों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित कर ली गई हैं।
दो चरणों में हुआ रेल लाइन का निर्माण
नेउरा-दनियावां रेल लाइन का निर्माण दो चरणों में किया गया है। पहले चरण में नेउरा से जट डुमरी 18 किलोमीटर रेल लाइन और दूसरे चरण में जट डुमरी से दनियावां तक 24 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण होगा। जट डुमरी से दनियावां के बीच रेल लाइन का काम पहले ही पूरा हो चुका है और इस पर ट्रेनों का परिचालन शुरू है। वहीं, नेउरा से जट डुमरी के बीच भी सभी जरूरी कार्य पूरे कर लिए गए हैं।
इस परियोजना के तहत दनियावां से बिहारशरीफ तक 38 किलोमीटर रेलखंड पर भी ट्रेन परिचालन शुरू हो चुका है। अब नेउरा-जट डुमरी हिस्से के चालू होते ही पटना की मुख्य रेल लाइन से बिहारशरीफ तक सीधा रेल संपर्क स्थापित हो जाएगा।
CRS निरीक्षण के बाद मिलेगी हरी झंडी
रेलवे सुरक्षा आयुक्त के निरीक्षण में ट्रैक की गुणवत्ता, पुल-पुलियों, सिग्नल व्यवस्था, लेवल क्रॉसिंग और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाए जाने के बाद इस रेलखंड पर नियमित ट्रेन परिचालन की अनुमति मिल जाएगी।
पटना रेल नेटवर्क का दबाव होगा कम
नेउरा-दनियावां रेल लाइन शुरू होने से दानापुर रेल मंडल के नेटवर्क को एक नया विकल्प मिलेगा। वर्तमान में पटना जंक्शन और पटना-राजेंद्र नगर रेलखंड पर ट्रेनों का दबाव काफी ज्यादा है। नई लाइन शुरू होने के बाद कई ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा सकेगा, जिससे मुख्य रेल मार्गों पर दबाव कम होगा और ट्रेनों के समय पालन में सुधार आएगा।
मालगाड़ियों और नई ट्रेनों के लिए भी फायदेमंद
यह रेल लाइन मालगाड़ियों के संचालन के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी। वैकल्पिक मार्ग मिलने से मालगाड़ियों के संचालन में सुविधा होगी और यात्री ट्रेनों के लिए अधिक स्लॉट उपलब्ध हो सकेंगे। भविष्य में इस मार्ग से नई ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
नेउरा, दनियावां और आसपास के ग्रामीण व अर्धशहरी क्षेत्रों के लोगों को इस नई रेल लाइन से काफी फायदा होगा। पटना और अन्य शहरों तक बेहतर रेल संपर्क मिलने से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी कम होगी। इसके अलावा कृषि उत्पादों के परिवहन, व्यापार और छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
आपात स्थिति में बनेगा वैकल्पिक मार्ग
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, किसी कारण से मुख्य रेल मार्ग पर परिचालन बाधित होने की स्थिति में नेउरा-दनियावां रेल लाइन वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेगी। इससे रेलवे की परिचालन क्षमता बढ़ेगी और आपात परिस्थितियों में ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु तरीके से किया जा सकेगा। रेलवे को उम्मीद है कि CRS निरीक्षण जल्द पूरा होने के बाद इस रेलखंड पर नियमित ट्रेन सेवा शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद पटना और आसपास के यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल यात्रा का नया विकल्प मिलेगा।