PATNA:नेपाल में आई बाढ़ और ग्लेशियर फटने के बाद बिहार में भी बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इसे लेकर डिप्टी सीएम एवं जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अगले 5-6 घंटे से लेकर पूरी रात तक विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
विजय चौधरी ने कहा कि इस बार की समस्या पहले से बड़ी है, हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। नेपाल के तिब्बत क्षेत्र में ग्लेशियर फटने के कारण पानी तेजी से बढ़ रहा है। यह पानी त्रिशूली नदी के रास्ते देवघाट पहुंचेगा और इसके बाद गंडक नदी में आने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि गंडक नदी पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है। पानी को वाल्मीकिनगर बराज तक पहुंचने में करीब 2-3 घंटे का समय लग सकता है। फिलहाल अच्छी बात यह है कि गंडक नदी का जलस्तर कम है। वर्तमान में गंडक बराज से करीब 80 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है, जबकि आकलन है कि कुल मिलाकर करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी गंडक बराज से गुजर सकता है।
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि पानी तेजी से आने की स्थिति पर सरकार और विभाग की लगातार नजर बनी हुई है। नेपाल सरकार ने भी स्थिति का आकलन कर भारत को इसकी जानकारी दी है।
बाढ़ राहत के लिए अतिरिक्त टीमों की तैनाती
विजय चौधरी ने बताया कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सरकार की ओर से अतिरिक्त राहत टीमों की तैनाती की गई है। बाढ़ राहत के लिए जरूरी सामग्री भी उपलब्ध करा दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सतर्क रहें, लेकिन घबराएं नहीं। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
विजय चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, कोसी नदी में फिलहाल पानी बढ़ने की कोई सूचना सामने नहीं आई है। फिलहाल प्रशासन और जल संसाधन विभाग गंडक नदी के जलस्तर तथा वाल्मीकिनगर बराज पर पानी के डिस्चार्ज की लगातार निगरानी कर रहा है।