DESK: नेपाल में भूस्खलन के बाद बूढ़ी गंडक नदी में अचानक फ्लैश फ्लड की स्थिति उत्पन्न हो गई है। नदी का प्रवाह बाधित होने के बाद पानी का तेज बहाव आसपास के इलाकों तक पहुंचा, जिससे नेपाल के जगत क्षेत्र में 5 से 7 मकानों के बह जाने की प्रारंभिक सूचना है। हालांकि, अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। 


इस घटना को लेकर बिहार में भी सतर्कता बरती जा रही है। राहत की बात यह है कि जल संसाधन विभाग के आकलन के मुताबिक, भारतीय क्षेत्र में इस फ्लड वेव का कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है।


नेपाल के गोरखा जिले के चुमनुब्री क्षेत्र में रविवार, 11 अक्टूबर की सुबह भूस्खलन के कारण नारायणी नदी की सहायक बूढ़ी गंडक नदी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया। इसके बाद अचानक फ्लैश फ्लड की स्थिति पैदा हो गई। प्रभावित स्थल भारत-नेपाल सीमा से करीब 180 से 210 किलोमीटर दूर बताया गया है।


नदी में अचानक पानी बढ़ने से आसपास की बस्तियां प्रभावित हुई हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नेपाल के जगत क्षेत्र में लगभग 5 से 7 मकान बह गए हैं। फिलहाल किसी जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। नेपाल प्रशासन ने नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर जाने और नदी के तट के पास नहीं जाने की सलाह दी है।


बिहार में जलस्तर बढ़ने की आशंका

जल संसाधन विभाग के अनुसार, फ्लड वेव का गादयुक्त पानी नेपाल के देवघाट क्षेत्र को पार कर रहा है। यहां गंडक नदी के जलस्तर में लगभग 27 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। अनुमान है कि जलस्तर में 50 से 100 सेंटीमीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है। विभाग के मुताबिक, फिलहाल नेपाल में बारिश नहीं हो रही है।


वाल्मीकिनगर बैराज पर कितना होगा असर?

विभागीय आकलन के अनुसार, इस फ्लड वेव को वाल्मीकिनगर बैराज तक पहुंचने में करीब 6 घंटे लग सकते हैं। इसके पहुंचने पर बैराज से पानी के डिस्चार्ज में लगभग 25 हजार क्यूसेक की वृद्धि होने का अनुमान है। फिलहाल जलस्राव करीब 50 हजार क्यूसेक बताया गया है, जो बढ़कर लगभग 75 हजार क्यूसेक तक पहुंच सकता है। विभाग के अनुसार, यह जलस्राव सामान्य सीमा के भीतर रहने की संभावना है।


फिलहाल बिहार में बड़े प्रभाव की आशंका नहीं

जल संसाधन विभाग ने आकलन किया है कि भारतीय क्षेत्र में इस फ्लड वेव का कोई खास प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है। हालांकि, एहतियात के तौर पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है।