Bihar News : नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद में सियासी घमासान लगातार तेज होता जा रहा है। विपक्ष जहां इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांग रहा था, वहीं अब गृह मंत्री ने खुद संसद में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की पेशकश कर दी है। अमित शाह ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को संसद चलने देना चाहिए।

अमित शाह ने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि अगर वह NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा चाहता है तो तय प्रक्रिया के तहत स्पीकर को पत्र दिया जाए। गृह मंत्री के मुताबिक, अगर विपक्ष चर्चा के लिए तैयार है तो सरकार दोपहर 3 बजे से रात तक और अगले दिन दोपहर 3 बजे तक भी चर्चा करने के लिए तैयार है। उन्होंने साफ किया कि वह खुद इस चर्चा में शामिल होकर विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे।

'सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार'

गृह मंत्री ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि संसद में किसी गंभीर विषय पर केवल बयान देकर बात खत्म नहीं की जा सकती। इसके लिए निर्धारित नियम और प्रक्रिया के तहत विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।

अमित शाह ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रश्नकाल को स्थगित करने के लिए भी सरकार तैयार है, लेकिन इसके लिए लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति जरूरी होगी। उनका कहना था कि अब फैसला विपक्ष को करना है कि वह वास्तव में चर्चा करना चाहता है या फिर चर्चा से बचना चाहता है।

गृह मंत्री ने यह भी दावा किया कि संसद का सत्र शुरू होने के बाद से वह लगातार सदन में मौजूद रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार NEET पेपर लीक, छात्रों के आंदोलन और उससे जुड़े तमाम सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है।

राहुल गांधी ने किया पलटवार

अमित शाह के इस बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी तीखा पलटवार किया। राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं को भाषण या लेक्चर नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें अपने सवालों का सीधा जवाब चाहिए।

राहुल गांधी ने आरोपों को लेकर सरकार से सीधा सवाल पूछा कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश आखिर किसने दिया था। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों पर पैलेट गन चलाने का आदेश अमित शाह ने दिया था तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।

राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि किसके आदेश पर किसी छात्र की आंखों की रोशनी चली गई और किसके आदेश पर दूसरे छात्र को गोली मारी गई। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित तौर पर कीलों वाली लाठियों से कार्रवाई किए जाने का मुद्दा भी उठाया और पूछा कि ऐसी कार्रवाई का आदेश किसने दिया था।

मुद्दा अब जवाबदेही का बन गया

विपक्ष का कहना है कि NEET जैसे महत्वपूर्ण परीक्षा विवाद और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई पर सरकार को सिर्फ चर्चा की पेशकश नहीं करनी चाहिए, बल्कि जिम्मेदारी भी तय करनी चाहिए। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि युवाओं को सरकार की सफाई से ज्यादा इस बात का जवाब चाहिए कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश किस स्तर से आया। दूसरी तरफ सरकार का रुख है कि संसद में हर सवाल का जवाब देने के लिए वह तैयार है और विपक्ष को सदन की कार्यवाही बाधित करने के बजाय चर्चा की प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए। ऐसे में अब निगाहें संसद की अगली कार्यवाही पर टिक गई हैं। एक तरफ अमित शाह ने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि सरकार चर्चा से पीछे नहीं हटेगी, वहीं राहुल गांधी ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर दी है।

NEET पेपर लीक और छात्र आंदोलन का मुद्दा अब केवल परीक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है। यह संसद के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले समय में अगर इस पर विस्तृत चर्चा होती है तो छात्रों के प्रदर्शन, कथित पुलिस कार्रवाई, परीक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने जैसे कई सवाल सदन के केंद्र में रह सकते हैं।