देशभर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा को लेकर उठे विवादों के बीच अब बिहार की राजधानी पटना से भी बड़ी खबर सामने आई है। पटना मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एमबीबीएस छात्रों की प्रथम आंतरिक परीक्षा रद्द कर दी है। परीक्षा में गड़बड़ी और कदाचार की आशंका को देखते हुए यह बड़ा फैसला लिया गया है। कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा की नई तारीखों का भी ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद मेडिकल छात्रों और अभिभावकों के बीच हलचल तेज हो गई है।


जानकारी के अनुसार, पटना मेडिकल कॉलेज के औषधि विभाग के वर्ष 2022 बैच के एमबीबीएस छात्रों की प्रथम आंतरिक परीक्षा 11 और 12 मई को आयोजित की गई थी। इसमें लिखित, मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा शामिल थीं। करीब 200 छात्र इस परीक्षा में शामिल हुए थे। लेकिन परीक्षा के बाद कदाचार और धांधली की आशंका सामने आने पर कॉलेज प्रशासन ने पूरी परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया।


बताया जा रहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने औषधि विभाग के विभागाध्यक्ष को इसकी जानकारी दी। साथ ही मेडिकल एजुकेशन यूनिट को भी कार्रवाई के लिए सूचित किया गया है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।


नई अधिसूचना के अनुसार अब लिखित परीक्षा 20 मई को दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक आयोजित की जाएगी। वहीं मौखिक और प्रायोगिक परीक्षा 21 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगी। कॉलेज प्रशासन ने लिखित परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र का नया प्रारूप भी जारी कर दिया है। परीक्षा संचालन के लिए औषधि विभाग के सभी फैकल्टी सदस्यों की ड्यूटी लगाई गई है।


इस बीच नीट परीक्षा में कथित पर्चा लीक मामले में भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने नीट यूजी-2026 में बायोलॉजी प्रश्नपत्र लीक कराने के आरोप में मनीषा गुरुनाथ मंधारे नामक महिला को गिरफ्तार किया है। मनीषा पुणे के एक कॉलेज में वनस्पति विज्ञान की व्याख्याता बताई जा रही है और उसे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा नीट परीक्षा में विशेषज्ञ के तौर पर नियुक्त किया गया था।


जांच में सामने आया है कि उसे बॉटनी और जूलॉजी के प्रश्नपत्रों तक पहुंच प्राप्त थी। आरोप है कि उसने कुछ अभ्यर्थियों को विशेष कक्षाओं के माध्यम से परीक्षा में आने वाले सवाल बताए थे। केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, कई प्रश्न वास्तविक परीक्षा पत्र से मेल खाते पाए गए हैं।


इससे पहले लातूर के एक शिक्षक की भी गिरफ्तारी हुई थी, जो प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति से जुड़ा था। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ बिचौलियों ने लाखों रुपये लेकर अभ्यर्थियों तक सवाल पहुंचाए और विशेष कोचिंग के नाम पर कथित तौर पर परीक्षा सामग्री उपलब्ध कराई।