Bihar MLC Election : जदयू के विधायक अनंत सिंह के तरफ से एमएलसी चुनाव में निशांत कुमार का प्रचार-प्रसार करने को लेकर जो बातें कहीं गई हैं, अब उस मसले को लेकर नीरज कुमार ने पलटवार किया है। नीरज कुमार ने कहा है कि- “मूर्ख मार्तंड्य से हम बहुत बात नहीं करते हैं। बैलट पेपर पर नीरज कुमार लिखा रहेगा। जेडीयू लिखा रहेगा। फोटो रहेगा और पार्टी के तरफ से अधिकृत उम्मीदवार का आयुक्त कार्यालय में दिया गया है। अब मैं नहीं जानता कि जिस राजनीतिक दल का लोग समर्थन कर रहे हैं, मैं नहीं जानता हूं। उसका चुनाव चिन्ह भी आवंटित नहीं होगा। वह क्षेत्रीय पार्टी के रूप में भी नहीं है। इसलिए कौन क्या बोलता है, इससे क्या मतलब है?”


इसका मतलब यही है कि निशांत के घूमने से शांत है लोग। निशांत ने तो अपील कर दिया। उन्होंने कहा है कि नीरज जी पार्टी के कार्यकर्ता रहे हैं प्रारंभिक काल से, पार्टी के विचारधारा को चलाते हैं। समाजवादी है। यह सभी बातें तो उन्होंने कह दिया और अपील भी कर दिया लोगों से। अब तो बस इतना ही कहा जा सकता है कि जब चिड़िया चुग गई खेत। अब तो निशांत के लहर ने पकड़ लिया है। कौवा किसके राजनीति में चार बन जाए, वह जाने।


वहीं आनंद सिंह के तरफ से यह बयान दिया गया कि 18 साल से जो गैस जमा है, वह गैस निकाल देंगे। इसके पलटवार में नीरज कुमार ने तंज वाले स्टाइल में कहा कि- “क्या नाम है उनका, जिन्होंने यह बात कही है?” उसके बाद पत्रकार ने जवाब दिया कि यह बात अनिल सिंह ने कही है। तो नीरज कुमार ने चुटकी लेते हुए कहा कि नहीं, यह नाम नहीं है उनका, दूसरा बात और दूसरा नाम है उनका। उसके बाद पत्रकार ने कहा कि शायद आप ही लोग उन्हें पुदीना सिंह बोलते हैं। उसके बाद नीरज कुमार ने कहा, “हां, बिल्कुल सही बात है।” तो उन्होंने तय कर लिया है ना कि उनका नाम पुदीना सिंह है। तो अब से पत्रकार लोगों से भी निवेदन है कि उनका नाम अनंत सिंह ना बोलकर पुदीना सिंह ही चलाइए। इसके बाद यही मामला सब खत्म हो जाएगा। अरे! उनका दिमाग नर्वस कर गया है। दिमाग में तनाव है। ऐसे में राजनीति में तनाव तो संभव है। उनको कार्यकर्ता तो मिल ही नहीं रहा है।


नीरज कुमार ने कहा कि हम लड़ाई लड़ रहे हैं बिहार को विकसित बनाने के लिए। बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए। निशांत कुमार को क्लाइमैक्स लीडर बनने के लिए। सम्राट चौधरी और निशांत की जोड़ी को हिट करने के लिए। आप खुद देख लीजिए, कोई काहु मगन तो कोई काहु मगन।


वहीं अनंत सिंह के तरफ से यह कहा जाना कि जदयू के लोग गलत कर रहे हैं या पार्टी का चुनाव नहीं है, इतना बड़ा चुनाव नहीं है कि लोग प्रचार करने जाएं। इसके जवाब में नीरज कुमार ने कहा कि- “नीतीश कुमार जी उनके चुनाव प्रचार में दो-तीन बार से नहीं गए हैं। तो उनको यह दर्द सता रहा होगा। पिछले चुनाव में भी नहीं गए नीतीश जी, उसके पहले वाले भी चुनाव में नीतीश जी नहीं गए थे। तो हो सकता है कि दर्द साल रहा हो। और दूसरी बात कि निशांत कुमार की लोकप्रियता से वह घबरा गए हैं। अरे! निशांत कुमार को परमिशन की जरूरत है क्या किसी का? अरे! उनके पिता की विरासत और बिहार का राजनीतिक नेतृत्व में कबूल कर लिया निशांत कुमार की स्वीकारता, तो निशांत कुमार को परमिशन की जरूरत है क्या इन लोगों का। यह परमिशन देने वाला है क्या, सलाह देने वाला है क्या?”


नीरज कुमार ने आनंद सिंह पर तंज करते हुए कहा कि राजनीति में अपनी औकात को नहीं भूलना चाहिए। निशांत कुमार को राजनीतिक सलाह देने की औकात ऐसे लोगों की नहीं है। निशांत कुमार क्लाइमैक्स लीटर का बेटा है, ग्लोबल थिंकर का बेटा है। निशांत कुमार सौम्य है, सुशील है। निशांत कुमार जी का कार्यक्रम क्या होगा, यह भी तय करेगा दूसरा आदमी? पार्टी शुरू है, पार्टी का मुख्यालय किस बात के लिए है।


वहीं नीरज कुमार के तरफ से बाढ़ के कार्यक्रम के दौरान हत्या के जो आरोप लगाए गए हैं, उसके पलटवार में आनंद सिंह के तरफ से यह कहा जाना कि इन सभी हत्याओं का दोषी नीरज कुमार है। अब इसी का पलटवार करते हुए नीरज कुमार ने कहा है कि- “मेरा जन्म भी उसी समय हुआ होगा क्या। कबूल करिया नेताजी। एक ही इंजेक्शन में बेचैन है।”


उसके बाद पत्रकार ने सवाल किया कि क्या आपने हत्या करवाया, तो नीरज कुमार ने कहा कि- “अरे! हम हत्या करवाए? हम पर कोई मुकदमा हुआ है क्या? अरे मूल विषय है क्या कि मैं जिन लोगों का नाम लिया, उनके परिजन कह रहे हैं। उनकी आंखों में आंसू है। उनका सवाल है कि हमारे परिजन का खून हो गया, कौन गुनहगार था। तो बस मेरा यही सवाल है कि जरा बोलिए, मां भगवती के दरबार में बोलिए, ब्राह्मणी के दरबार में बोलिए। कितने लोगों की हत्या का कसूरवार कौन है।”