बिहार की राजनीति में इन दिनों पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। एक तरफ जेडीयू ने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार पर फिर से भरोसा जताते हुए उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है, तो दूसरी तरफ मोकामा विधायक अनंत सिंह ने उनके खिलाफ अपने पसंद के उम्मीदवार को मैदान में उतारकर पार्टी के भीतर ही सियासी घमासान खड़ा कर दिया है। नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच चल रही तनातनी को खत्म करने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को दी गई है। इसी बीच नीरज कुमार का एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने इस पूरे विवाद के बीच सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी है।


दरअसल, नामांकन के लिए निकलने से पहले नीरज कुमार अपने समर्थकों और पार्टी नेताओं से मुलाकात कर रहे थे। इसी दौरान एक ऐसे चेहरे से उनकी मुलाकात हुई, जिस पर अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। वीडियो में नीरज कुमार रविशंकर सिंह उर्फ अशोक सिंह से गर्मजोशी से मिलते नजर आ रहे हैं। दोनों ने हाथ मिलाया और एक-दूसरे से बातचीत की। अशोक सिंह ने नीरज कुमार को माला पहनाई, गुलदस्ता दिया और फिर उनके कान में कुछ कहते हुए भी नजर आए। दोनों के बीच इस मुलाकात का अंदाज ऐसा था कि वहां मौजूद लोगों का ध्यान भी इस ओर चला गया। अब सवाल यह है कि आखिर अशोक सिंह कौन हैं और नीरज कुमार के साथ उनकी इस मुलाकात को इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जा रहा है?


अशोक सिंह का नाम सूर्यगढ़ा विधानसभा चुनाव से जुड़ा रहा है। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। वहीं, वर्ष 2020 में वह एलजेपी के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे थे और उन्हें 44,797 वोट मिले थे। वह उस चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे थे। उनके चुनाव लड़ने से जेडीयू के रामानंद मंडल को भी नुकसान उठाना पड़ा था और रामानंद मंडल को राजद के प्रह्लाद यादव के हाथों करीब 10 हजार वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।


सूर्यगढ़ा की राजनीति में रामानंद मंडल को ललन सिंह के करीबी और उनके प्रभाव वाले उम्मीदवार के तौर पर देखा जाता रहा है। ऐसे में अशोक सिंह और ललन सिंह खेमे के बीच राजनीतिक दूरी की चर्चा लंबे समय से होती रही है। यही वजह है कि अब पटना स्नातक सीट के नामांकन से ठीक पहले नीरज कुमार और अशोक सिंह की मुलाकात को सियासी चश्मे से देखा जा रहा है।


खास बात यह है कि इस वक्त नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच चल रहे विवाद में ललन सिंह की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। नीरज के नामांकन से पहले ललन सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात भी चर्चा में रही थी। ऐसे में नीरज कुमार का ललन सिंह के कथित विरोधी खेमे से जुड़े चेहरे से गर्मजोशी से मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है।


हालांकि, सिर्फ इस मुलाकात के आधार पर किसी राजनीतिक समीकरण या रणनीति का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। यह भी संभव है कि अशोक सिंह ने नीरज कुमार को नामांकन की शुभकामना देने के लिए मुलाकात की हो। लेकिन बिहार की मौजूदा सियासी परिस्थितियों में नेताओं की छोटी से छोटी मुलाकात भी बड़े राजनीतिक संदेश के तौर पर देखी जा रही है।


वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो सूर्यगढ़ा में रामानंद मंडल को 1,01,968 वोट मिले थे, जबकि प्रेम सागर चौधरी को 78,107 वोट मिले। वहीं अशोक सिंह को निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 38,175 वोट हासिल हुए थे। यानी अशोक सिंह भले ही चुनाव जीतने की स्थिति में नहीं रहे, लेकिन उनका वोट शेयर इतना जरूर रहा कि सूर्यगढ़ा की राजनीति में उनकी मौजूदगी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।


अब जब पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच राजनीतिक टकराव चरम पर है, ऐसे समय में अशोक सिंह के साथ नीरज की तस्वीर और वीडियो सामने आने से नई चर्चा छिड़ गई है। क्या यह सिर्फ शिष्टाचार की मुलाकात थी या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा है? क्या नीरज कुमार ने अनंत सिंह के साथ विवाद के बीच अपना अलग राजनीतिक नेटवर्क मजबूत करना शुरू कर दिया है? या फिर यह महज चुनावी कार्यक्रम के दौरान हुई सामान्य मुलाकात है?


फिलहाल इन सवालों का जवाब साफ नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि पटना स्नातक चुनाव ने जेडीयू के भीतर चल रही सियासी हलचल को और दिलचस्प बना दिया है। अनंत सिंह बनाम नीरज कुमार की लड़ाई के बीच अब अशोक सिंह के साथ नीरज की यह मुलाकात भी चर्चा का नया विषय बन गई है। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में यही सवाल तैर रहा है—क्या नीरज की इस मुलाकात में कोई बड़ा सियासी संदेश छिपा है?