Patna Graduate MLC Election 2026 : पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव खत्म होते ही अब सियासी बयानबाजी का दौर और तेज हो गया है। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के अगले ही दिन जदयू के प्रत्याशी और मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार ने बड़ा बयान दिया है। नीरज कुमार ने चुनाव में अपनी जीत का दावा करते हुए कहा कि यह सिर्फ किसी एक प्रत्याशी की जीत नहीं होगी, बल्कि उनके कार्यकर्ताओं की जीत होगी। उन्होंने कहा कि चुनाव संपन्न हो चुका है और अब यह तय है कि कार्यकर्ताओं ने अपनी ताकत दिखा दी है।
नीरज कुमार ने अपने बयान में सबसे ज्यादा जोर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति कार्यकर्ताओं के स्नेह और उनके राजनीतिक संस्कार पर दिया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का संस्कार, उनका जलवा और कार्यकर्ताओं का उनके प्रति स्नेह इस चुनाव में रिकॉर्ड कायम करने वाला है। नीरज के इस बयान को पटना स्नातक सीट पर चले लंबे राजनीतिक घमासान के बीच जदयू के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
नीरज कुमार ने चुनाव को केवल जीत-हार तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने इसे बिहार की राजनीति में चल रही एक बड़ी बहस से जोड़ दिया। नीरज ने कहा कि राजनीति का अपराधीकरण और राजनीतिक विमर्श में अपराधियों की पहचान बन जाना लोकतंत्र और राजनीति का दुर्भाग्यपूर्ण पक्ष है। उनके मुताबिक पटना स्नातक क्षेत्र के मतदाताओं ने इस मुद्दे पर अपना 'बौद्धिक जनादेश' दिया है।
नीरज कुमार ने कहा कि इस जनादेश का असर आने वाले समय की राजनीति पर भी पड़ेगा। उनके बयान का संकेत साफ तौर पर उन राजनीतिक ताकतों की ओर था, जिन पर चुनाव के दौरान अपराध और बाहुबल की राजनीति को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में नीरज का यह बयान चुनाव परिणाम आने से पहले ही इस मुकाबले को विचारधारा और राजनीतिक छवि की लड़ाई के रूप में पेश करता दिखाई दे रहा है।
लेकिन नीरज कुमार के बयान का सबसे ज्यादा चर्चा वाला हिस्सा पार्टी के भीतर उनके खिलाफ कथित तौर पर दुष्प्रचार करने वालों को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि पार्टी में रहकर जिन लोगों ने उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया है, आने वाले दिनों में उनकी 'तबीयत खराब रहेगी'। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तबीयत कब खराब होगी, इसकी जानकारी वह नहीं दे सकते हैं।
नीरज कुमार ने अपने अंदाज में आगे कहा कि इतना जरूर तय है कि इन लोगों की तबीयत पार्टी खराब कर देगी। उनके इस बयान को जदयू के भीतर चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है। चुनाव के दौरान पार्टी के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में नीरज का यह बयान आने वाले दिनों में जदयू की अंदरूनी राजनीति में हलचल बढ़ा सकता है।
दरअसल, पटना स्नातक सीट का चुनाव इस बार सामान्य चुनाव से कहीं ज्यादा हाईप्रोफाइल रहा। एक तरफ जदयू ने अपने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को मैदान में उतारा था, वहीं दूसरी ओर जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह को लेकर भी मुकाबला काफी चर्चा में रहा। अनुज सिंह को मोकामा विधायक अनंत सिंह का समर्थन मिलने के बाद चुनाव की राजनीतिक गर्मी और बढ़ गई थी।
चुनाव प्रचार के दौरान नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच जुबानी जंग भी देखने को मिली। जदयू के भीतर रहते हुए अनंत सिंह द्वारा नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा लेने को लेकर पार्टी की रणनीति और संभावित कार्रवाई पर भी सवाल उठते रहे। मतदान के दिन भी मोकामा में दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच विवाद और झड़प की घटना ने चुनाव की संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया।
अब मतदान खत्म हो चुका है और सभी प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद है। नतीजे 27 अक्टूबर को सामने आएंगे। लेकिन उससे पहले नीरज कुमार ने जिस अंदाज में अपनी जीत का दावा किया है और पार्टी के भीतर विरोध करने वालों को लेकर सख्त संदेश दिया है, उससे साफ है कि परिणाम आने से पहले ही पटना स्नातक सीट की लड़ाई जदयू के भीतर एक नई राजनीतिक कहानी लिख चुकी है।अब नजर 27 अक्टूबर पर है। उस दिन मतगणना के साथ यह भी साफ होगा कि नीरज कुमार का दावा कितना सही साबित होता है और पटना स्नातक के मतदाता आखिर किसके पक्ष में अपना 'बौद्धिक जनादेश' देते हैं।