Bihar News : बिहार में शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शराब पीने को लेकर हुए विवाद में एक अधेड़ व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह मामला नालंदा थाना क्षेत्र के बड़गांव स्थित मुसहरी गांव का बताया जा रहा है।
घटना में मृतक की पहचान 55 वर्षीय चंदेश्वर मांझी के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय तुलसी मांझी के पुत्र थे। परिजनों के अनुसार, चंदेश्वर मांझी होटल में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे और रविवार को होटल बंद रहने के कारण घर आए हुए थे। इसी दौरान पड़ोसी से विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और उनकी जान चली गई।
मृतक के पुत्र गोपाल कुमार ने आरोप लगाया है कि पड़ोसी वीरेश मांझी, जो कथित रूप से शराब का अवैध कारोबार करता है, के घर शराब पीने के लिए गए थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी और उसके सहयोगियों ने लाठी-डंडों से हमला कर चंदेश्वर मांझी को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
गोपाल कुमार ने बताया कि गंभीर हालत में परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
वहीं, स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद की शुरुआत शराब पीने को लेकर हुई थी, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और एक जानलेवा संघर्ष में बदल गया। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब के कारोबार और उससे जुड़े अपराधों पर चिंता बढ़ा दी है।
इधर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नालंदा थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो पाएगी। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है, लेकिन घटना के बाद से सभी आरोपी गांव छोड़कर फरार हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी भी रखी जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर शराबबंदी के बावजूद शराब से जुड़े अपराधों की सच्चाई को उजागर कर दिया है।