पटना/नालंदा :  बिहार के नालंदा में एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो के सिपाही अजीत कुमार की हत्या की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस सनसनीखेज हत्याकांड की परतें खुलती जा रही हैं। पुलिस जांच से जुड़े एक कर्मी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर दावा किया है कि इस मामले के पीछे लव ट्रायंगल की कहानी सामने आ रही है। जांच में राजगीर अनुमंडल की प्रभारी दरोगा पुष्पा कुमारी, कांस्टेबल रिशु और मृतक सिपाही अजीत कुमार के बीच संबंधों की कड़ी को भी खंगाला जा रहा है।

दावा है कि अजीत और पुष्पा के बीच करीब तीन साल से नजदीकी थी। बाद में अजीत के पटना ट्रांसफर के बाद पुष्पा की नजदीकियां बाल सुधार गृह में तैनात कांस्टेबल रिशु से बढ़ने लगीं। यही रिश्ता आगे चलकर अजीत की हत्या की वजह बना या नहीं, पुलिस इसी एंगल की गहराई से जांच कर रही है।

शादी के बाद पुष्पा के करीब आया अजीत

नगरनौसा निवासी अजीत कुमार की शादी करीब छह साल पहले आरा की रहने वाली युवती से हुई थी। बताया जा रहा है कि यह प्रेम विवाह था। शादी के करीब तीन साल बाद ड्यूटी के दौरान अजीत और पुष्पा कुमारी एक-दूसरे के करीब आए। दोनों के बीच लंबे समय तक संपर्क और बातचीत की बात सामने आई है।

दावा है कि अजीत की शादी को लेकर पुष्पा नाराज भी रहती थीं और दोनों के बीच इस मुद्दे पर कई बार विवाद होता था। उस समय अजीत की पोस्टिंग नालंदा के हिलसा में थी। बाद में पटना एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो में तैनाती के बाद दोनों के रिश्ते में कथित तौर पर बदलाव आने लगा।

फिर कहानी में हुई रिशु की एंट्री

अजीत के पटना जाने के बाद कांस्टेबल रिशु की पुष्पा से नजदीकियां बढ़ने की बात कही जा रही है। रिशु पहले से ही पुष्पा के संपर्क में था। जब पुष्पा हिलसा अनुमंडल के प्रभार में थीं, उसी दौरान दोनों के बीच परिचय होने की बात जांच में सामने आने का दावा किया जा रहा है।अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर घटना के दिन रिशु की ड्यूटी बाल सुधार गृह में थी, तो वह एक्साइज टीम के साथ मौके पर कैसे पहुंचा? वह वहां किसके बुलावे पर गया था? और सबसे अहम सवाल—सरकारी राइफल लेकर फायरिंग करने की नौबत आखिर क्यों आई?

खराट मोड़ पर शुरू हुआ ऑपरेशन और फिर चलीं गोलियां

घटना वाले दिन अजीत ने कथित तौर पर पुष्पा को शराब तस्करों की जानकारी दी थी। बताया जा रहा है कि उसने पुष्पा को खराट मोड़ के पास बुलाया। शराब तस्करों की गाड़ी आगे चल रही थी। उसके पीछे काले रंग की स्कॉर्पियो में अजीत अपने एक साथी और ड्राइवर के साथ पीछा कर रहा था।

इसके बाद पुष्पा कुमारी कथित तौर पर कांस्टेबल रिशु और चार होमगार्ड जवानों के साथ मौके पर पहुंचीं। वाहनों का क्रम भी जांच का हिस्सा है। सबसे आगे तस्करों की गाड़ी, उसके पीछे अजीत की स्कॉर्पियो और सबसे पीछे पुष्पा की गाड़ी होने की बात कही जा रही है।यहीं से पूरा मामला अचानक हत्या में बदल गया।

फायरिंग से दीनानाथ ने किया इनकार, फिर रिशु ने छीनी राइफल

जांच से जुड़े सूत्रों के दावे के मुताबिक, पुष्पा ने होमगार्ड जवान दीनानाथ को फायरिंग करने का आदेश दिया। दीनानाथ ने कथित तौर पर फायरिंग करने से इनकार कर दिया। इसके बाद कांस्टेबल रिशु ने उससे सरकारी राइफल छीन ली।दावा है कि रिशु ने इसके बाद एक के बाद एक करीब पांच राउंड फायर किए। इनमें से एक गोली अजीत कुमार को जा लगी। गोली लगने के बाद अजीत को इलाज के लिए पावापुरी ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे पटना पीएमसीएच रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फायरिंग अचानक हुई थी या इसके पीछे पहले से कोई साजिश थी। पुष्पा की कथित भूमिका, रिशु की मौके पर मौजूदगी और सरकारी हथियार छीने जाने की पूरी कड़ी को जोड़कर देखा जा रहा है।

पुष्पा का पुराना रिकॉर्ड भी जांच के घेरे में

अजीत हत्याकांड के बाद पुष्पा कुमारी का पुराना विवादित कार्यकाल भी जांच के दायरे में आ गया है। जुलाई 2023 से फरवरी 2026 तक हिलसा अनुमंडल में तैनाती के दौरान उन पर कई तरह के आरोप लगते रहे थे। उनके खिलाफ निजी युवकों को कथित तौर पर वर्दी पहनाकर छापेमारी टीम में शामिल करने और अवैध वसूली के आरोपों की भी चर्चा होती रही है। फरवरी 2024 में इस्लामपुर थाना क्षेत्र के शरीफाबाद में हुई छापेमारी के दौरान भी बड़ा विवाद हुआ था। ग्रामीणों के विरोध के बाद पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और सरकारी वाहन को नुकसान पहुंचा था। हालात संभालने के लिए पुलिस टीम को हवाई फायरिंग तक करनी पड़ी थी।

इसके अलावा शराब कारोबारियों से कथित मासिक वसूली, शराबियों को पकड़ने के बाद पैसे लेकर छोड़ने और अवैध कमाई से संपत्ति बनाने जैसे आरोपों की पुरानी शिकायतों को भी दोबारा खंगाले जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

पुलिस ने पिकअप वैन बरामद की, कई कड़ियां जोड़ना बाकी

नालंदा के एसपी हृदयकांत ने हत्याकांड का डिटेक्शन होने की पुष्टि की है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिकअप वैन बरामद कर ली है। एसपी के मुताबिक, वारदात से जुड़े मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।अब जांच का सबसे अहम हिस्सा कथित लव ट्रायंगल, फायरिंग का आदेश, सरकारी राइफल छीने जाने और अजीत को गोली लगने की पूरी कड़ी को जोड़ना है। क्या अजीत की हत्या वास्तव में प्रेम संबंधों के विवाद का नतीजा थी? क्या फायरिंग पहले से तय थी? और घटना के वक्त कांस्टेबल रिशु वहां आखिर क्यों मौजूद था? इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही साफ होंगे। फिलहाल यह मामला नालंदा के सबसे चर्चित हत्याकांडों में शामिल हो गया है।