BIHAR NEWS : मुजफ्फरपुर जिले के मीनापुर थाना क्षेत्र के राघोपुर गांव में जमीनी विवाद एक बार फिर खूनी संघर्ष में बदल गया। वर्ष 2019 के चर्चित हत्याकांड के मुख्य गवाह अजीत कुमार को अपराधियों ने उनके घर के दरवाजे पर सोते समय गोली मार दी। हमलावरों ने अजीत को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ चार गोलियां दागीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। घटना के बाद परिजन गंभीर रूप से घायल अजीत कुमार को तत्काल शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
47 बीघा जमीन को लेकर चल रहा था विवाद
जानकारी के अनुसार राघोपुर निवासी अजीत कुमार का अपने ही पाटीदारों के साथ करीब 47 बीघा पैतृक जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी विवाद ने वर्ष 2019 में हिंसक रूप ले लिया था, जिसमें अजीत के बड़े भाई अखिलेश राय की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में अजीत कुमार मुख्य गवाह हैं। परिजनों का आरोप है कि लगातार उन पर गवाही नहीं देने और समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा था। जमीन विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था।
सीओ के समक्ष पेशी से पहले हुई वारदात
शनिवार को इस जमीनी विवाद के समाधान को लेकर दोनों पक्षों को राजस्व अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना था। प्रशासन की ओर से जमीन की मापी और दस्तावेजों की जांच की तैयारी की गई थी। ऐसे में सुनवाई से ठीक एक दिन पहले हुई इस गोलीबारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घायल अजीत कुमार का आरोप है कि उन्हें जानबूझकर रास्ते से हटाने की साजिश के तहत इस हमले को अंजाम दिया गया है।
दरवाजे पर सो रहे थे अजीत, तभी पहुंचे हमलावर
घायल अजीत कुमार ने बताया कि शुक्रवार रात वह गांव में आयोजित एक भोज से लौटकर अपने घर के दरवाजे पर सो रहे थे। इसी दौरान देर रात उनके पड़ोसी परिवार के पांच से छह युवक हथियार लेकर पहुंचे। अजीत का कहना है कि हमलावरों ने बिना किसी बातचीत के उन पर फायरिंग शुरू कर दी। चार गोलियां लगने के बाद वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के सदस्य और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी आरोपी वहां से फरार हो चुके थे।
डॉक्टर बोले- मरीज की हालत गंभीर
घायल का इलाज कर रहे डॉक्टर अमृतांशु प्रांजल ने बताया कि मरीज को शरीर में चार गोलियां लगी हैं। अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार इलाज में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि शरीर के अंदर अभी भी एक गोली फंसी हुई है, जिसे निकालने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल मरीज को निगरानी में रखा गया है।
पुलिस ने तीन लोगों को लिया हिरासत में
मामले को लेकर मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि घटना प्रथम दृष्टया जमीनी विवाद से जुड़ी हुई प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि इस परिवार में पहले से हत्या का मामला दर्ज है और दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। घायल के बयान और प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर पुलिस ने तीन पड़ोसियों को हिरासत में लिया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।