Bihar News : मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। अस्पताल की आईसीयू में लगी आग में कई मरीजों की मौत और कई अन्य के प्रभावित होने के बाद जिला प्रशासन पूरी घटना की गहराई से पड़ताल में जुट गया है। इसी कड़ी में शुक्रवार को पांच सदस्यीय जांच टीम अस्पताल का दौरा करेगी और हादसे के कारणों, सुरक्षा इंतजामों तथा संभावित लापरवाही की जांच करेगी।


उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के निर्देश के बाद मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया था। टीम को घटनास्थल का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने और जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका निर्धारित करने का दायित्व सौंपा गया है।


जिला प्रशासन के अनुसार जांच टीम अस्पताल परिसर, आईसीयू वार्ड, विद्युत व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और आपातकालीन निकासी व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण करेगी। इसके अलावा यह भी जांच की जाएगी कि अस्पताल में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।


जांच टीम में शामिल हैं ये अधिकारी


जिलाधिकारी द्वारा गठित पांच सदस्यीय टीम में निम्नलिखित अधिकारी शामिल हैं—

आपदा प्रबंधन एडीएम (टीम के प्रमुख)

एसडीएम ईस्ट

सिविल सर्जन

डीएसपी नगर-2

जिला अग्निशमन अधिकारी

यह टीम विभिन्न पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


अग्निकांड के कारणों की होगी पड़ताल

प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग अस्पताल की आईसीयू इकाई में लगी थी। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि आग शॉर्ट सर्किट, तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से लगी थी।


इसके साथ ही अस्पताल में मौजूद फायर सेफ्टी उपकरणों की स्थिति, उनके संचालन और कर्मचारियों की तैयारी की भी समीक्षा की जाएगी। यदि सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।


प्रशासन की सख्त नजर

हादसे के बाद राज्य सरकार और जिला प्रशासन दोनों मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष और तथ्य आधारित होगी। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।जांच टीम अस्पताल के प्रबंधन, चिकित्सकों, कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी बातचीत कर सकती है ताकि घटना के समय की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सके। इसके अलावा अस्पताल के दस्तावेजों और फायर सेफ्टी से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी।


रिपोर्ट के बाद हो सकती है बड़ी कार्रवाई

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की जवाबदेही तय की जाएगी। यदि अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन या अन्य प्रकार की गंभीर लापरवाही की पुष्टि होती है तो कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ लाइसेंस संबंधी कदम भी उठाए जा सकते हैं।


मुजफ्फरपुर का यह अग्निकांड पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में आज होने वाला जांच टीम का निरीक्षण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन की कोशिश है कि हादसे के वास्तविक कारणों का जल्द खुलासा हो और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।