BIHAR NEWS : मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत बंगाली टोला में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। यहां तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर और एक स्कूली वाहन के बीच आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि स्कूली वाहन में सवार सभी बच्चे सुरक्षित बच गए और कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह के समय इलाके में सामान्य रूप से यातायात चल रहा था। इसी दौरान तेज गति से आ रही फॉर्च्यूनर अचानक अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रहे स्कूली वाहन से टकरा गई। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबराकर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जुट गई।


हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों वाहनों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। स्कूली वाहन में बैठे बच्चे हादसे के बाद काफी डरे-सहमे नजर आए। कई बच्चों की चीख-पुकार से माहौल भावुक हो गया, लेकिन राहत इस बात की रही कि किसी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई।


जानकारी के अनुसार हादसे में कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों ने सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई है। हादसे के बाद बच्चों के अभिभावक भी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंच गए। अपने बच्चों को सुरक्षित देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली।


घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात को सामान्य कराया। कुछ देर तक सड़क पर जाम जैसी स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।


पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल वाहनों और तेज रफ्तार गाड़ियों पर सख्ती से निगरानी रखी जाए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।