Bihar News : बिहार में आगामी श्रावणी मेले से पहले लाखों कांवरियों और आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलने वाली है। मुंगेर से भागलपुर, सुल्तानगंज होते हुए मिर्जा चौकी तक बन रहा ग्रीनफील्ड फोरलेन हाईवे अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी National Highways Authority of India (एनएचएआई) की ओर से तैयार किए जा रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के जून 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। सड़क चालू होते ही मुंगेर से मिर्जा चौकी के बीच सफर का समय आधे से भी कम हो जाएगा।
करीब 124.41 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन हाईवे के निर्माण के बाद वाहन चालक महज डेढ़ से दो घंटे में मुंगेर से मिर्जा चौकी पहुंच सकेंगे। अभी तक इस दूरी को तय करने में चार से पांच घंटे तक का समय लग जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह मौजूदा सड़क के किनारे घनी आबादी, बाजार और लगातार लगने वाला जाम है।
राज्य सरकार और एनएचएआई ने बढ़ती यातायात समस्या और श्रावणी मेले के दौरान होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए वर्ष 2022 में इस परियोजना की शुरुआत की थी। यह सड़क पूरी तरह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित की जा रही है, जिससे वाहनों को शहरों और बाजारों के अंदर से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
चार पैकेज में तैयार हो रहा हाईवे
पूरा सड़क निर्माण कार्य चार अलग-अलग पैकेज में बांटा गया है। इस परियोजना पर कुल 3792 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनमें पैकेज-1 के लिए 981 करोड़, पैकेज-2 के लिए 902 करोड़, पैकेज-3 के लिए 1017 करोड़ और पैकेज-4 के लिए 892 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक पैकेज-1 का 75.45 प्रतिशत, पैकेज-2 का 93.13 प्रतिशत, पैकेज-3 का 72.2 प्रतिशत और पैकेज-4 का 90.71 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। विभाग का लक्ष्य 30 जून तक सड़क निर्माण पूरा कर आम लोगों के लिए इसे खोलने का है।
कांवरियों के लिए सफर होगा आसान
यह हाईवे श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। हर साल सावन महीने में देशभर से कांवरिया Ajgaibinath Temple पहुंचकर गंगा जल भरते हैं और वहां से Baidyanath Dham जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। नई सड़क बनने से सुल्तानगंज और आसपास के क्षेत्रों में लगने वाले भारी जाम से राहत मिलेगी। गंगा किनारे विकसित हो रहा यह हाईवे कांवरियों के लिए यात्रा को पहले से ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगा।
उद्योग और कारोबार को भी मिलेगा बढ़ावा
यह फोरलेन सड़क केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी। मुंगेर, भागलपुर, घोघा, कहलगांव और पीरपैंती जैसे इलाकों में उद्योग और व्यापार को नया कॉरिडोर मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी से माल ढुलाई आसान होगी और निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
टू-लेन सड़क का निर्माण भी अंतिम चरण में
इसके साथ ही भागलपुर से मिर्जा चौकी तक बन रही 10 मीटर चौड़ी टू-लेन विद पेव्ड शोल्डर सड़क का काम भी अगले दो महीनों में पूरा होने की संभावना है। वर्ष 2018 की बाढ़ में पुरानी सड़क कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
पथ निर्माण विभाग के सचिव Pankaj Kumar Pal ने कहा कि परियोजना की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि गुणवत्ता में कोई कमी न रहे। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण पूरा होने के बाद बड़ी आबादी को सीधा फायदा मिलेगा और कई महत्वपूर्ण शहरों के बीच दूरी काफी कम हो जाएगी।