मुंगेर: बिहार के मुंगेर स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में शुक्रवार को विश्वकर्मा पूजा के बाद अचानक अफरातफरी का माहौल बन गया। कॉलेज परिसर में पूजा का प्रसाद ग्रहण करने के कुछ ही देर बाद हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। एक के बाद एक छात्राओं को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते बीमार छात्राओं की संख्या बढ़कर 24 तक पहुंच गई।

छात्राओं की अचानक बिगड़ती तबीयत से कॉलेज प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। स्थिति को देखते हुए बिना देर किए सभी प्रभावित छात्राओं को इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल ले जाया गया। एक साथ बड़ी संख्या में छात्राओं के अस्पताल पहुंचने से इमरजेंसी वार्ड में भी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को तत्काल व्यवस्था संभालनी पड़ी।

प्रसाद खाने के कुछ देर बाद शुरू हुई परेशानी

अस्पताल में भर्ती छात्राओं के अनुसार, कॉलेज परिसर में विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर प्रसाद का वितरण किया गया था। छात्राओं ने प्रसाद ग्रहण किया और इसके कुछ समय बाद ही कई छात्राओं के पेट में अचानक दर्द और ऐंठन शुरू हो गई।

शुरुआत में छात्राओं को लगा कि यह सामान्य पेट की समस्या हो सकती है, लेकिन थोड़ी ही देर में उल्टी और दस्त की शिकायत सामने आने लगी। हॉस्टल में एक के बाद एक कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद वहां अफरातफरी की स्थिति बन गई।बीमार होने वाली छात्राओं में साक्षी कुमारी, शिवाज्ञी कुमारी, अन्नू कुमारी, फौजिया कुमारी, ज्योति कुमारी, अर्पिता कुमारी, अनमोल कुमारी, जानवी कुमारी और कंचन कुमारी समेत कुल 24 छात्राएं शामिल बताई गई हैं।

सदर अस्पताल की इमरजेंसी में एक साथ पहुंचीं छात्राएं

छात्राओं को आनन-फानन में मुंगेर सदर अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। एक साथ इतनी संख्या में मरीजों के पहुंचने से अस्पताल प्रशासन भी तुरंत सक्रिय हो गया। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. फैज ने स्थिति को संभालते हुए इलाज शुरू कराया। मरीजों की संख्या को देखते हुए डॉ. शशांक को भी ड्यूटी पर लगाया गया। चिकित्सकों की टीम ने सभी छात्राओं की जांच की और जरूरत के अनुसार प्राथमिक उपचार के साथ सलाइन चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की। अस्पताल में छात्राओं को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।

डॉक्टरों के मुताबिक, प्राथमिक उपचार के बाद फिलहाल सभी छात्राओं की हालत नियंत्रण में है और किसी की स्थिति को खतरे में नहीं बताया गया है। हालांकि, अचानक इतने बड़े पैमाने पर छात्राओं के बीमार पड़ने के कारणों को लेकर जांच जरूरी मानी जा रही है।

फूड प्वाइजनिंग की आशंका, प्रसाद की गुणवत्ता पर सवाल

विश्वकर्मा पूजा का प्रसाद खाने के कुछ ही समय बाद बड़ी संख्या में छात्राओं के बीमार पड़ने से खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक तौर पर फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, बीमारी की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

खास बात यह है कि सभी प्रभावित छात्राएं एक ही कॉलेज हॉस्टल में रह रही थीं और उन्होंने कॉलेज परिसर में आयोजित पूजा के दौरान प्रसाद ग्रहण किया था। इसी वजह से प्रसाद या अन्य खाद्य पदार्थ को लेकर जांच का पहलू महत्वपूर्ण हो गया है।

जांच के बाद सामने आएगा बीमारी का असली कारण

अस्पताल प्रशासन की ओर से फिलहाल छात्राओं की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं, खाद्य पदार्थ के सैंपल की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि छात्राओं की तबीयत खराब होने की असली वजह क्या थी।घटना के बाद कॉलेज परिसर और हॉस्टल में भी चिंता का माहौल बना हुआ है। छात्राओं के परिजन भी घटना की जानकारी मिलने के बाद परेशान हैं। राहत की बात यह है कि अस्पताल में उपचार के बाद सभी प्रभावित छात्राओं की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। अब पूरे मामले में जांच रिपोर्ट का इंतजार है। अगर जांच में प्रसाद या किसी अन्य खाद्य पदार्थ में गड़बड़ी सामने आती है, तो इसके स्रोत और उसकी गुणवत्ता को लेकर जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।