BIHAR NEWS : मुंगेर के बिंदवाड़ा में लंबे समय से फंसी करोड़ों रुपये की रकम को लेकर अब एक बार फिर उम्मीद जगी है। फाइनेंसर उमेश कुमार सिंह की मौत के बाद अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए परेशान चल रहे सैकड़ों लोगों के लिए केंद्रीय मंत्री और मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का बयान राहत की खबर लेकर आया है। ललन सिंह ने दावा किया है कि प्रशासन ने उमेश कुमार सिंह की 34 संपत्तियों की पहचान कर ली है और जल्द ही इन संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नीलामी से मिलने वाली रकम से पीड़ित लोगों की फंसी राशि वापस करने की कोशिश की जाएगी।
दरअसल, मुंगेर के बिंदवाड़ा में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के पहुंचते ही बड़ी संख्या में लोगों ने उनका स्वागत किया। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने उनके सामने लंबे समय से फंसी अपनी रकम का मुद्दा भी उठाया। लोगों ने बताया कि वे अपनी जमा-पूंजी वापस पाने के लिए काफी समय से प्रशासन, कोर्ट और जनप्रतिनिधियों के चक्कर लगा रहे हैं। कई परिवारों के लिए यह रकम उनकी जीवनभर की कमाई का हिस्सा है, जिसके वापस मिलने का इंतजार लंबे समय से जारी है।
यह पूरा मामला अक्टूबर 2025 में सामने आया था, जब बिंदवाड़ा निवासी फाइनेंसर उमेश कुमार सिंह का शव पटना के एक होटल के कमरे से बरामद हुआ था। बताया गया कि उमेश कुमार सिंह ने बड़ी संख्या में लोगों से ब्याज पर करोड़ों रुपये लिए थे। इसके बाद यह रकम अलग-अलग जगहों पर निवेश और कारोबार में फंस गई। स्थिति ऐसी बनी कि लोगों को उनकी जमा रकम वापस नहीं मिल सकी। उमेश कुमार सिंह की मौत के बाद उन लोगों की परेशानी और बढ़ गई, जिन्होंने उन्हें अपनी मेहनत की कमाई सौंपी थी।
मामला सामने आने के बाद पीड़ित लगातार अपनी रकम की वापसी के लिए आवाज उठाते रहे। लोगों ने प्रशासन से लेकर न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाया। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से भी लगातार हस्तक्षेप की मांग की गई। पीड़ितों का कहना था कि किसी भी तरह उनकी फंसी हुई रकम वापस दिलाई जाए, ताकि परिवारों पर आया आर्थिक संकट कम हो सके।
अब बिंदवाड़ा में पहुंचे ललन सिंह ने इस मामले को लेकर प्रशासन की कार्रवाई की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, मुंगेर जिला प्रशासन ने उमेश कुमार सिंह से जुड़ी 34 संपत्तियों की पहचान की है। इन संपत्तियों को नीलाम करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बताया कि करीब एक सप्ताह के भीतर नीलामी की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
ललन सिंह के इस बयान के बाद उन लोगों के बीच उम्मीद की किरण जगी है, जो लंबे समय से अपनी रकम वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, अभी सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन 34 संपत्तियों की नीलामी से कुल कितनी रकम जुटाई जा सकेगी। इसके साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि नीलामी से मिलने वाली राशि के आधार पर किन लोगों को कितनी रकम वापस की जा सकेगी।
पीड़ितों के लिए यह सिर्फ पैसों का मामला नहीं है, बल्कि उनकी वर्षों की मेहनत और जमा-पूंजी से जुड़ा हुआ है। ऐसे में प्रशासन की ओर से संपत्तियों की पहचान और नीलामी की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात उनके लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नीलामी की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और उन्हें उनकी फंसी रकम वापस दिलाने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।
फिलहाल केंद्रीय मंत्री के बयान के बाद बिंदवाड़ा के लोगों की उम्मीदें फिर से बढ़ गई हैं। वर्षों से अपनी रकम के लिए परेशान लोगों को अब इंतजार है उस दिन का, जब नीलामी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके हाथ में उनकी मेहनत की कमाई वापस पहुंचेगी। हालांकि, वास्तविक स्थिति नीलामी पूरी होने और उससे प्राप्त राशि का आकलन होने के बाद ही साफ हो सकेगी।