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02-Mar-2026 09:49 AM
By First Bihar
Bihar Government : जीविका की ओर से राज्यभर में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपये प्राप्त करने वाली महिलाओं के रोजगार का व्यापक सर्वे शुरू कर दिया गया है। इस सर्वे का उद्देश्य यह जानना है कि महिलाओं ने मिली राशि से कौन-कौन से स्वरोजगार शुरू किए हैं और उनका व्यवसाय किस स्थिति में है। सर्वे का काम मोबाइल एप के माध्यम से किया जा रहा है, जिसमें जीविका के कर्मी सीधे लाभुक महिलाओं से बातचीत कर जानकारी अपलोड कर रहे हैं।
1.81 करोड़ महिलाओं को मिल चुकी है पहली राशि
राज्य सरकार द्वारा अब तक 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता दी जा चुकी है। यह राशि महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए दी गई थी, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। सर्वे पूरा होने के बाद जीविका के पास यह स्पष्ट आंकड़ा होगा कि कितनी महिलाओं ने किराना दुकान, बकरी पालन, सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, फूड स्टॉल, कृषि आधारित कार्य या अन्य छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं।
सर्वे के आधार पर महिलाओं की जरूरतों का भी आकलन किया जाएगा। जिन महिलाओं का व्यवसाय बेहतर चल रहा है, उन्हें अगली किस्त की राशि देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही जरूरत के अनुसार उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि उनका रोजगार और मजबूत हो सके।
मार्च-अप्रैल में शुरू हो सकता है भुगतान
विभागीय सूत्रों के अनुसार, सर्वे प्रक्रिया पूरी होते ही मार्च-अप्रैल में अगली किस्त का भुगतान शुरू किए जाने की संभावना है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो लाभुक पहले से बिहार लघु उद्यमी योजना के अंतर्गत आच्छादित हैं, उन्हें महिला रोजगार योजना के तहत आगे कोई अतिरिक्त राशि नहीं दी जाएगी। राज्य मुख्यालय स्तर से सर्वे की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और निर्देश दिए गए हैं कि यह कार्य शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि पात्र महिलाओं को समय पर अगली किस्त मिल सके।
चार चरणों में मिलेंगे अधिकतम दो लाख रुपये
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को अधिकतम दो लाख रुपये तक की सहायता चार चरणों में दी जाएगी। पहली किस्त 20 हजार रुपये की होगी, जिसमें लाभुक महिला को 5 हजार रुपये का अंशदान भी करना होगा। इसके बाद दूसरी किस्त में 40 हजार, तीसरी में 80 हजार और अंतिम चरण में 60 हजार रुपये दिए जाएंगे। विशेष परिस्थितियों में किसी महिला को एकमुश्त दो लाख रुपये देने का प्रावधान भी है, लेकिन इसके लिए राज्य स्तर पर गठित समिति की अनुशंसा आवश्यक होगी।
शहरी महिलाओं के 18 लाख आवेदन सत्यापन में
ग्रामीण क्षेत्रों के बाद अब शहरी क्षेत्रों की महिलाओं पर भी फोकस किया जा रहा है। करीब 18 लाख महिलाओं ने ऑनलाइन आवेदन किया है, जिनका सत्यापन कार्य चल रहा है। सभी नगर निकायों को निर्देश दिया गया है कि 15 मार्च तक सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। सत्यापन के बाद इन महिलाओं का समूह बनाकर उनके बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये हस्तांतरित किए जाएंगे। इन शहरी लाभुकों के रोजगार का भी छह महीने बाद आकलन किया जाएगा और उसके आधार पर अगली किस्त की राशि दी जाएगी।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। सर्वे और प्रशिक्षण के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि दी गई राशि का सही उपयोग हो और महिलाओं का व्यवसाय टिकाऊ रूप से आगे बढ़ सके। आने वाले महीनों में इस योजना का असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से देखने को मिल सकता है।