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Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana : आपके खाते में भी अभी तक नहीं आया है 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के 10 हज़ार रुपए, तो जानिए अब खाते में कब आएंगे पैसे

बिहार विधानसभा ने ग्रामीण विकास विभाग के 237 अरब रुपये से अधिक के बजट को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लिए 90 अरब रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे अब तक 1.81 करोड़ महिलाओं को लाभ मिल चुका है।

Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana : आपके खाते में भी अभी तक नहीं आया है 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के 10 हज़ार रुपए, तो जानिए अब खाते में कब आएंगे पैसे

18-Feb-2026 08:38 AM

By First Bihar

Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana : बिहार की बिहार विधानसभा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण विकास विभाग के बजट को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस बजट में सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के लिए सबसे अधिक राशि का प्रावधान किया है। सरकार का कहना है कि इस योजना से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।


ग्रामीण विकास मंत्री ने मंगलवार को विधानसभा में बजट प्रस्ताव पर सरकार का पक्ष रखते हुए बताया कि विभाग के लिए कुल 237 अरब 1 करोड़ 17 लाख 90 हजार रुपये का बजट तय किया गया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के लिए रखा गया है। इस योजना के तहत 90 अरब रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे प्रदेश की लाखों महिलाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।


मंत्री ने बताया कि यह योजना राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसके तहत आवेदन करने वाली प्रत्येक पात्र महिला को 10 हजार रुपये की प्रारंभिक सहायता दी जा रही है। ऐसे में जो बचे हुए महिला को जल्द ही पैसा भेज दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार और घरेलू उद्योगों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इस योजना का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है और महिलाएं इस राशि का उपयोग कर अपना रोजगार बेहतर तरीके से चला रही हैं।


सरकार ने योजना को और प्रभावी बनाने के लिए एक नया प्रावधान भी किया है। मंत्री ने बताया कि जो महिलाएं इस सहायता राशि का उपयोग कर अपना रोजगार सफलतापूर्वक संचालित करेंगी और बेहतर प्रदर्शन करेंगी, उन्हें अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। ऐसी महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करने की योजना बनाई गई है। इससे महिलाओं को अपने व्यवसाय को और बड़ा करने का अवसर मिलेगा।


सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 26 सितंबर 2025 से शुरू हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक छह चरणों में कुल 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं को लाभ दिया जा चुका है। इनमें प्रत्येक महिला को 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ मुख्य रूप से ग्रामीण महिलाओं को मिला है। आंकड़ों के अनुसार लाभ प्राप्त करने वाली महिलाओं में से केवल 12 लाख महिलाएं शहरी क्षेत्रों से हैं, जबकि अधिकांश लाभार्थी ग्रामीण क्षेत्रों की हैं।


सरकार का मानना है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। कई महिलाएं छोटे व्यवसाय, पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य घरेलू उद्योगों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा रही हैं। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधर रही है बल्कि उनके परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है।


विधानसभा में बजट प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सरकार ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना ग्रामीण विकास संभव नहीं है। इसी सोच के तहत इस योजना को बड़े स्तर पर लागू किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में अधिक से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।


बजट को विधानसभा की स्वीकृति मिलने के बाद अब इस योजना के विस्तार की दिशा में तेजी से काम किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि यह योजना महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ राज्य के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगी।