PATNA: पांच सालों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का वादा कर चुके नीतीश कुमार ने युवाओं को फिर से एक बड़ा मौका दिया है. सरकार ने अब मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना शुरू की है. इसके तहत युवाओं को सरकारी विभागों और बड़े प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ काम करने का मौका मिलेगा. सरकार उन्हें शीर्ष प्रबंधन संस्थान IIM का सर्टिफिकेट भी देगी. 


दरअसल, नीतीश सरकार ने मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना शुरु की है. मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना को बिहार सरकार प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम बोधगया के साथ मिलकर पूरा कर रही है. इच्छुक युवा 31 जनवरी तक आवेदन कर डेढ़ लाख तक का मानदेय प्राप्त  कर सकते हैं. सरकार कह रही है कि इस योजना का मकसद है कि प्रतिभाशाली युवाओं को नीति निर्धारण और कार्यान्वयन की प्रक्रिया से जोड़ा जाये. इस योजना के तहत चयनित फेलोज सरकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेंगे, जिससे बिहार के विकास को नई दिशा मिलेगी. 


1 लाख 50 हजार तक मानदेय

मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के तहत चयनित होने वाले युवाओं को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर 80 हजार से 1 लाख 50 हजार रुपये तक का निश्चित मासिक मानदेय दिया जाएगा.


जानिये किसे कितना पैसा मिलेगा

सरकार अपनी फेलोशिप योजना के तहत युवाओं को अलग-अलग विभागों और सरकारी कार्यालयों से युवाओं को जोड़ेगी. इसके तहत कहां कितना मानदेय मिलेगा इसे जानिये.

1.    नगर निगम, आयुक्त कार्यालय, डीएम कार्यालय और प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में संबद्ध होने वाले फेलो को 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए, जिसके लिए उन्हें 80 हजार रुपए मानदेय निर्धारित किया गया है.

2.    विभिन्न सरकारी विभागों में संबद्ध होने वाले फेलो को 6 वर्ष का अनुभव होना चाहिए, उन्हें 1 लाख रुपये का मानदेय मिलेगा. 

3.    विकास आयुक्त कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय में संबद्ध फेलो को 8 वर्षों का अनुभव होने चाहिए, इन्हें 1 लाख 25 हजार रुपये मानदेय मिलेग.  

4.    उप-मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री सचिवालय के लिए 10 वर्षों का अनुभव होना चाहिए, इसके लिए 1 लाख 50 हजार रुपये का मानदेय निर्धारित किया गया है.


IIM और सरकार से सर्टिफिकेट

फेलोशिप पूरी होने पर आईआईएम बोधगया से ‘लोक नीति एवं सुशासन’ में पोस्ट ग्रेजुएट प्रमाण-पत्र और बिहार सरकार से कार्य अनुभव प्रमाण-पत्र दिया जाएगा.


आवेदक की आयु अधिकतम 45 वर्ष

योजना के लिए केवल बिहार के मूल निवासी ही पात्र होंगे. इनकी आयु 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। उनके पास प्रबंधन, नीति, विकास अध्ययन, लोक प्रशासन, क्षेत्रीय नियोजन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी या संबद्ध विषयों में किसी प्रतिष्ठित संस्थान से स्नातकोत्तर डिग्री अनिवार्य है. वहीं कैट, जीमैट, जीआरइ, गेट, यूजीसी-नेट, सीएसआईआर-नेट में वैध स्कोर होना आवश्यक है. 


सरकार ने तय किया है कि राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (आईएनआई), केंद्रीय विश्वविद्यालयों और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (एनएलयू) से स्नातकोत्तर डिग्री धारकों को प्रवेश परीक्षा स्कोर में छूट मिलेगी. वहीं, राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षण, योजनाबद्ध प्रशिक्षण और आईआईएम बोधगया की ओर से निरंतर मेंटरशिप दी जाएगी।


आवेदन निशुल्क, जानिये कब करें अप्लाई ?

इस योजना के तहत आवेदन करने वालों को कोई आवेदन शुल्क नहीं देना होगा. आवेदन और साक्षात्कार के पहले चरण की अंतिम तिथि 17 दिसंबर 2025 थी और उनक साक्षात्कार 27-28 दिसंबर 2025 को हो चुका है. वहीं दूसरे चरण के आवेदन के लिए अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 थी और उनका साक्षात्कार 10-11 जनवरी 2026 को हो चुका है. तीसरे चरण के आवेदन की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 थी और उनका साक्षात्कार 24-25 जनवरी 2026 को होने जा रहा है.


चौथे चरण के लिए करें आवेदन

मुख्यमंत्री फेलोशिप योजन के चौथे चरण के लिए आवेदन 16 से 31 जनवरी 2026 तक किया जा सकेगा. उनका साक्षात्कार 7-8 फरवरी 2026 को होगा.


परिणाम मार्च में होंगे जारी

सरकार की ओर से जानकारी दी गयी है कि फेलोज के सफल चयन की घोषणा मार्च 2026 के पहले सप्ताह में की जाएगी। इसके बाद इन फेलोज का प्रशिक्षण मार्च के दूसरे-तीसरे सप्ताह में शुरू होगा और अप्रैल 2026 से वे विभिन्न कार्यालयों में संबद्ध होकर काम शुरू करेंगे। 


ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मौजूद

इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन https://iimbg.ac.in/cmfs/ पर कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए cmf@iimbg.ac.in (mailto:cmf@iimbg.ac.in) पर ई-मेल किया जा सकता है।