PATNA: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) छोड़ने के बाद लालू के करीबी माने जाने वाले मृत्युंजय तिवारी ने आज भाजपा का दामन थाम लिया है। बांकीपुर उपचुनाव के माहौल के बीच में मृत्युंजय तिवारी बीजेपी में शामिल हो गये हैं। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मृत्युंजय तिवारी को पार्टी की सदस्यता दिलायी।
बिहार बीजेपी ने सदस्यता ग्रहण समारोह की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए यह लिखा कि भाजपा प्रदेश कार्यालय में माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री @sanjay_saraogi जी की उपस्थिति में वरिष्ठ राजद नेता श्री मृत्युंजय तिवारी जी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर बिहार सरकार के पूर्व मंत्री श्री @mangalpandeybjp जी, माननीय प्रदेश महामंत्री श्रीमती प्रीति शेखर जी, श्री राजेश झा जी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहें। माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की राष्ट्र प्रथम एवं जनसेवा की भावना से प्रेरित होकर भाजपा परिवार से जुड़ने वाले सभी जनप्रतिनिधियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।
बीजेपी का दामन थामने के बाद आरजेडी के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अब बीजेपी में ही जियेंगे और और बीजेपी में ही मरेंगे। आरजेडी के अब सिर्फ परिवारवाद और दलदल बचा है, जिसमें कोई फंसने नहीं जाएगा। समय रहते वहां से निकलने में ही भलाई है। वहां मुझे बहुत अपमानित किया जा रहा था। लेकिन आज यहां बीजेपी में जो सम्मान मुझे मिला है, उसे कभी हम नहीं भूल सकते। बता दें कि मृत्युंजय तिवारी राष्ट्रीय जनता दल के एक अच्छे प्रवक्ता थे। वो राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेहद करीबी नेता भी थे। वही मृत्युंजय तिवारी के बीजेपी में आने पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने खुशी जताते हुए कहा कि बीजेपी में आने वाले हर व्यक्ति को सम्मान दिया जाता है और मृत्युंजय तिवारी तो अनुभवी नते है, वो अब बीजेपी को और मजबूत बनाने का काम करेंगे।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी के 16 जुलाई को आरजेडी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे की घोषणा करते हुए उन्होंने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए थे। कहा था कि समर्पित एवं निष्ठावान कार्यकर्ताओं का अब पार्टी में सम्मान नहीं रह गया है। मृत्युंजय तिवारी ने यह भी कहा था कि उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल और अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में अपनी बात रखी थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर किसी ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी उनकी बातों का संज्ञान नहीं लिया। इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कहा था कि "अपमानित होकर कोई भी व्यक्ति राजनीति नहीं कर सकता। हमने पार्टी के कठिन दौर में भी आरजेडी का साथ दिया। लालू प्रसाद यादव ने मुझ पर भरोसा जताते हुए प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। मैंने पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया और पार्टी की नीतियों को मजबूती से जनता के बीच रखा।"
मृत्युंजय तिवारी ने आरोप लगाया था कि पार्टी के भीतर कुछ ऐसे लोग सक्रिय हैं, जिन्होंने संगठन को अंदर से कमजोर कर दिया है। उन्होंने कहा, "कुछ लोगों ने दीमक की तरह पार्टी को खोखला कर दिया है और आज तेजस्वी यादव उन्हीं लोगों से घिरे हुए हैं। ऐसे माहौल में हमारे जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी में बने रहना उचित नहीं है।" इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए हमने राष्ट्रीय जनता दल के सभी पदों से अपना इस्तीफा दे दिया। 16 जुलाई को उनसे पत्रकारों ने पूछा था कि आप बीजेपी में जा रहे हैं। तब उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार किया था। लेकिन आज उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया है।