पटनाः बिहार के रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर तैयार किया गया नया रेल पुल अब 5 अक्टूबर से ट्रेनों के लिए खोलने की तैयारी है। नए पुल के चालू होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की रफ्तार में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अभी पुराने राजेंद्र सेतु पर ट्रेनों को करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की नियंत्रित गति से चलाया जाता है, लेकिन नए पुल के शुरू होने के बाद ट्रेनों की रफ्तार करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
नए पुल पर परिचालन शुरू करने से पहले 3 और 4 अक्टूबर को रेलवे सुरक्षा आयुक्त यानी सीआरएस पुल का अंतिम निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद सुरक्षा मंजूरी मिलने पर 5 अक्टूबर से नए रेल पुल पर नियमित ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जाएगा। इससे मोकामा के रास्ते सफर करने वाले यात्रियों को न सिर्फ तेज यात्रा का फायदा मिलेगा, बल्कि ट्रेनों के संचालन में भी सुधार आने की उम्मीद है।
मोकामा में गंगा पर बना पुराना राजेंद्र सेतु लंबे समय से रेलवे के लिए महत्वपूर्ण पुल रहा है। हालांकि पुराना होने और सुरक्षा कारणों से यहां ट्रेनों की गति सीमित रखनी पड़ती है। ट्रेन को पुल पार करने में अपेक्षाकृत ज्यादा समय लगता है और इसका असर आगे के परिचालन पर भी पड़ता है। नया पुल शुरू होने के बाद इस समस्या को काफी हद तक कम करने की उम्मीद है।
फिलहाल नए पुल को मुख्य रेल लाइन से जोड़ने का काम अंतिम चरण में है। मोकामा, बरौनी और हाथीदह रेलखंड पर नॉन-इंटरलॉकिंग और ट्रैक कनेक्टिविटी का काम चल रहा है। इस काम को पूरा करने के लिए रेलवे ने 4 अक्टूबर तक मेगा ब्लॉक लिया है। ट्रैक को नए पुल से जोड़ने के साथ सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी कार्य भी पूरे किए जा रहे हैं।
मेगा ब्लॉक की वजह से यात्रियों को फिलहाल परेशानी उठानी पड़ रही है। रेलवे ने इस अवधि में 23 महत्वपूर्ण ट्रेनों को रद्द किया है। इनमें एक्सप्रेस, इंटरसिटी, मेमू और स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं। रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए ट्रेनों के रद्द रहने से परेशानी बढ़ी है, लेकिन रेलवे का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 5 अक्टूबर से परिचालन सामान्य होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा।
पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र के अनुसार मोकामा, बरौनी और हाथीदह रेलखंड पर नॉन-इंटरलॉकिंग का काम 4 अक्टूबर तक पूरा किया जाना है। इसके बाद 5 अक्टूबर से नए रेल पुल पर नियमित परिचालन शुरू करने की तैयारी है।
4 अक्टूबर तक रद्द रहने वाली ट्रेनों की पूरी लिस्ट
| ट्रेन नंबर | ट्रेन का नाम |
|---|---|
| 13030 | मोकामा-हावड़ा एक्सप्रेस |
| 13227 | सहरसा-राजेंद्रनगर इंटरसिटी |
| 13228 | राजेंद्रनगर-सहरसा इंटरसिटी |
| 04186 | आसनसोल-वीजीएलजे |
| 15527 | जयनगर-पटना एक्सप्रेस |
| 15528 | पटना-जयनगर एक्सप्रेस |
| 63204 | मोकामा-किऊल मेमू |
| 63229 | आरा-बनारस मेमू फास्ट पैसेंजर |
| 63275 | किऊल-पटना मेमू फास्ट पैसेंजर |
| 63276 | पटना-किऊल मेमू फास्ट पैसेंजर |
| 13029 | हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस |
| 13031 | हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस |
| 13032 | जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस |
| 13127 | कोलकाता-आरा गरीब रथ |
| 13116 | जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस |
| 14004 | नई दिल्ली-मालदा टाउन |
| 03230 | पटना-खुर्दा रोड स्पेशल |
| 05060 | लालकुआं-कोलकाता स्पेशल |
| 05095 | कोलकाता-मऊ स्पेशल |
| 09033 | उधना-मालदा टाउन स्पेशल |
| 13155 | मिथिलांचल एक्सप्रेस |
| 13423 | भागलपुर-अजमेर हमसफर |
| 18621 | पटना-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस |
अभी इन ट्रेनों के रद्द रहने से यात्रियों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। खासकर मोकामा, बरौनी, हाथीदह, पटना और आसपास के क्षेत्रों से रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ी हुई है। हालांकि रेलवे के लिए यह काम लंबे समय के लिहाज से अहम है, क्योंकि नया पुल शुरू होने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों की गति और परिचालन क्षमता दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।
3 और 4 अक्टूबर को सीआरएस निरीक्षण के बाद अंतिम सुरक्षा मंजूरी मिलने पर 5 अक्टूबर से नए पुल पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होगा। ऐसे में फिलहाल यात्रियों को कुछ दिनों की परेशानी झेलनी पड़ रही है, लेकिन इसके बाद मोकामा के रास्ते रेल सफर पहले की तुलना में तेज होने की उम्मीद है। पुराने पुल पर 40-50 किलोमीटर की गति की जगह नए पुल पर करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें चलने से यात्रा के समय में भी कमी आ सकती है।