Patna News: जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने मोकामा स्थित नदी घाटों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय लोगों से गंगा नदी में आने वाली बाढ़ और होने वाले कटाव के बारे में पूछताछ की। स्थानीय लोगों ने बताया कि जहाजों के आवागमन के कारण पानी के हिलकोरे से मामूली क्षरण होता है। इससे कोई खास खतरा नहीं है।
विभाग के मुख्य अभियंता ने अन्य अधिकारियों के साथ मोकामा प्रखंड के औटा, दरियापुर और हाथीदह पंचायत का निरीक्षण किया गया। मुख्य अभियंता के निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि गंगा नदी के दायां किनारा मोकामा घाट (सीआरपीएफ कैंप के नजदीक) से औटा गांव से होते हुए दरियापुर गांव तक लगभग गंगा नदी का दांया किनारा अपेक्षाकृत सीधा (वर्टिकल) है तथा कहीं भी लूप फार्मेशन नहीं पाया गया। साथ ही हाथीदह पंचायत में गंगा नदी के दाएं किनारे का स्लोप सामान्य रूप से माइल्ड है, जिससे किसी भी प्रकार का क्षरण दृष्टिगोचर नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जहाजों के परिचालन के कारण नदी में होने वाले हिलकोरा से किनारे पर आंशिक क्षरण हो रहा है। जिसके वजह से नदी का किनारा सीधा हो गया है। मोकामा घाट (सीआरपीएफ कैंप) और औटा पंचायत स्थित (पंचायत सरकार भवन) का ग्रामीण बसावट गंगा नदी के किनारे से लगभग एक सौ मीटर की न्यूनतम दूरी पर अवस्थित है।
वर्तमान में गंगा नदी के दायें किनारे में आंशिक क्षरण के कारण ग्रामीण के आवासन एवं जान-माल पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पढ़ने की संभावना प्रतीत नहीं हो रही है। सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से बाढ़ अवधि में बाढ़ संघर्षात्मक सामग्री का भंडारण कर लिया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर अध्यक्ष, बाढ़ संघर्षात्मक बल से परामर्श प्राप्त करते हुए आवश्यक कार्य कराकर बाढ़ अवधि में स्थल को सुरक्षित रखा जायेगा।
विदित हो कि एक समाचार पत्र में मोकामा के ‘पांच पंचायतों की पचास हजार आबादी गंगा नदी के कटाव की चपेट में’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को उक्त पंचायतों का निरीक्षण किया और लोगों से पूछताछ भी की।