Mokama Food Hub: बिहार के मोकामा शहर को जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने वाली है। केंद्र सरकार की अंतिम प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिलते ही यहां आधुनिक सुविधाओं से लैस भव्य फूड हब का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। नगर परिषद बोर्ड ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी देने के साथ-साथ निर्माण के लिए आवश्यक भूमि भी उपलब्ध करा दी है। अब केवल केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।

यह परियोजना पूरी होने के बाद मोकामा न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि आसपास के जिलों और राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले यात्रियों के लिए भी एक प्रमुख फूड डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा। इससे शहर के विकास, रोजगार और स्थानीय व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है।

नगर परिषद बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मिली मंजूरी

शुक्रवार को नगर परिषद की बोर्ड बैठक में फूड हब निर्माण से जुड़े प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी गई। बैठक की अध्यक्षता नगर सभापति नीलेश कुमार ने की। इस दौरान उपसभापति नीतू देवी, कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार रजक समेत 25 वार्ड पार्षद मौजूद रहे, जबकि दो पार्षद बैठक में अनुपस्थित रहे। बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें फूड हब परियोजना सबसे प्रमुख रही। नगर परिषद ने निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

बिहार के चुनिंदा शहरों में शामिल हुआ मोकामा

राज्य के 261 नगर निकायों में से फूड हब योजना के लिए मोकामा का चयन होना शहर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस योजना के तहत बिहार में केवल चार शहरों—मोकामा, मुंगेर, गया और बड़हिया—को चुना गया है।स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना से शहर की पहचान बदलेगी और मोकामा आधुनिक शहरी सुविधाओं से लैस नए विकास केंद्र के रूप में उभरेगा।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा फूड हब

प्रस्तावित फूड हब में लोगों को एक ही परिसर में बेहतर और स्वच्छ खानपान की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां आधुनिक फूड कोर्ट के साथ-साथ पर्याप्त पार्किंग, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परियोजना का उद्देश्य केवल भोजन की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक व्यवस्थित और आकर्षक सार्वजनिक स्थल तैयार करना भी है।

रोजगार और स्थानीय कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

फूड हब बनने के बाद स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। होटल, रेस्टोरेंट, फूड स्टॉल, सफाई, सुरक्षा और अन्य सेवाओं से जुड़े कई नए व्यवसाय विकसित होने की संभावना है। इसके अलावा स्थानीय किसानों, डेयरी उत्पादकों और छोटे खाद्य कारोबारियों को भी अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार मिलने की उम्मीद है। इससे शहर की आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

होल्डिंग टैक्स व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी

नगर परिषद की बैठक में शहर की आय बढ़ाने और होल्डिंग टैक्स की चोरी रोकने को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसके तहत बिजली विभाग से सभी उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन की सूची प्राप्त कर उसका मिलान होल्डिंग टैक्स रिकॉर्ड से किया जाएगा।यदि किसी भवन का बिजली कनेक्शन है लेकिन होल्डिंग टैक्स का भुगतान नहीं किया जा रहा है, तो ऐसे मामलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

वर्तमान में मोकामा नगर परिषद क्षेत्र में लगभग 10,500 लोग होल्डिंग टैक्स का भुगतान कर रहे हैं। इसके अलावा नई बसावट वाले क्षेत्रों की सड़कों का वर्गीकरण कर वहां भी होल्डिंग टैक्स का निर्धारण और नियमित वसूली सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है, जिससे नगर परिषद के राजस्व में वृद्धि हो सके।

विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर

बोर्ड बैठक में शहर के अन्य विकास कार्यों को भी तेज गति से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। नगर सभापति नीलेश कुमार ने कहा कि मोकामा में फूड हब का निर्माण केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण सौगात है। इससे आधुनिक खानपान की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, शहर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।नगर परिषद का मानना है कि परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा, जिससे मोकामा आने वाले वर्षों में बिहार के प्रमुख फूड और पर्यटन केंद्रों में अपनी पहचान बना सकेगा।