Bihar News : मोकामा में अनंत सिंह के काफिले में धक्का-मुक्की से नाराज समर्थक, ललन सिंह के सामने जताया विरोध; अस्पताल की मांग भी उठी
मोकामा में क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान पूर्व विधायक अनंत सिंह और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के सामने उस समय असहज स्थिति बन गई, जब काफिले में शामिल लोगों के व्यवहार से नाराज एक समर्थक ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी। धक्का-मुक्की की घटना से आक्रोशित वार्ड नंबर 12 निवासी कमल विष्णु ने मौके पर ही समर्थकों के रवैये पर सवाल उठाते हुए अपनी बात अनंत सिंह और ललन सिंह के सामने रखी।
बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान अनंत सिंह का काफिला इलाके से गुजर रहा था। इसी दौरान काफिले के आसपास समर्थकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। भीड़ के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। इसी से नाराज कमल विष्णु ने आपत्ति जताई और मौके पर मौजूद नेताओं के सामने ही अपनी नाराजगी जाहिर की।
कमल विष्णु ने समर्थकों के व्यवहार को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं के साथ रहने वाले कुछ समर्थक आम लोगों के साथ ठीक व्यवहार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने अनंत सिंह और ललन सिंह से कहा कि “आपके जितने भी समर्थक हैं, वे पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं।”
मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, कमल विष्णु की नाराजगी सिर्फ धक्का-मुक्की की घटना तक सीमित नहीं रही। उन्होंने क्षेत्र की बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा भी नेताओं के सामने रखा। उनका कहना था कि मोकामा क्षेत्र में बेहतर अस्पताल और इलाज की सुविधाओं की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।
अस्पताल की सुविधा को लेकर सौंपा ज्ञापन
कमल विष्णु ने मोकामा में बेहतर अस्पताल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री और सांसद ललन सिंह को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन के जरिए क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मोकामा और आसपास के इलाकों के मरीजों को गंभीर बीमारी या बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में क्षेत्र में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस अस्पताल की मांग लंबे समय से उठती रही है। लोगों की अपेक्षा है कि मोकामा में ही ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित हो, जहां सामान्य इलाज से लेकर गंभीर बीमारियों तक का उपचार उपलब्ध हो सके।
नेताओं के सामने खुलकर रखी बात
इस पूरे घटनाक्रम की खास बात यह रही कि कमल विष्णु ने अपनी नाराजगी बंद कमरे में या बाद में नहीं, बल्कि अनंत सिंह और ललन सिंह की मौजूदगी में ही खुलकर जाहिर की। उन्होंने समर्थकों के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के बीच आने वाले नेताओं के साथ आम लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान नेताओं के काफिले के आसपास बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी आम बात है, लेकिन भीड़ के बीच आम लोगों को परेशानी न हो, इसे लेकर व्यवस्था बनाए रखना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस घटना ने इसी सवाल को सामने ला दिया है कि जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रमों के दौरान आम लोगों की सुविधा और सुरक्षा का कितना ध्यान रखा जा रहा है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में सबसे अहम मुद्दा मोकामा में बेहतर अस्पताल की मांग बनकर सामने आया है। धक्का-मुक्की की घटना से शुरू हुआ विरोध स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दे तक पहुंचा और कमल विष्णु ने ललन सिंह को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग दर्ज करा दी।
अब देखना होगा कि मोकामा में बेहतर अस्पताल की सुविधा को लेकर सौंपे गए ज्ञापन पर क्या पहल होती है और क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही स्वास्थ्य संबंधी मांग को किस स्तर तक आगे बढ़ाया जाता है।