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11-Dec-2025 12:51 PM
By First Bihar
RSS Mohan Bhagwat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी को लेकर राजनीतिक और मीडिया जगत में चर्चा लगातार बनी हुई है। यह सवाल विशेष रूप से तब उठता है जब देश में 2029 के आम चुनाव की तैयारी शुरू हो रही है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्पष्ट कर दिया है कि 2029 का चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ा जाएगा। इस बीच, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत से भी इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया।
एक कार्यक्रम के दौरान जब भागवत से पूछा गया कि मोदी जी के बाद अगला प्रधानमंत्री कौन होगा, तो उन्होंने इस सवाल को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते हुए साफ शब्दों में कहा कि इस पर वह कोई राय नहीं दे सकते। उन्होंने कहा, "कुछ सवाल मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। इसमें मैं अपनी राय नहीं दे सकता। मैं सिर्फ शुभकामनाएं दे सकता हूं। और कुछ नहीं।" उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के बाद नेतृत्व का निर्णय पूरी तरह से मोदी जी और भाजपा के हाथ में है।
दरअसल, कुछ समय पहले भाजपा में रिटायरमेंट नीति को लेकर चर्चा शुरू हुई थी और इसके कारण राजनीतिक गलियारों में अगले प्रधानमंत्री उम्मीदवार को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, पार्टी ने इस प्रकार के बदलावों से इनकार किया और स्पष्ट किया कि पीएम मोदी का नेतृत्व 2029 तक जारी रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में अपना 75वां जन्मदिन मनाया है और लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि उनकी शारीरिक और मानसिक क्षमता उन्हें नेतृत्व के लिए पूरी तरह तैयार रखती है। इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी पीएम मोदी के संभावित उत्तराधिकारी के बारे में सवाल किया गया। सीएम फडणवीस ने कहा कि वर्तमान समय में किसी और का नाम सोचने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि पीएम मोदी पूरी तरह से स्वस्थ हैं और 2029 के चुनाव में वही नेतृत्व करेंगे।
फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी दिन में 17 घंटे से ज्यादा काम करते हैं। वह इतनी मेहनत करते हैं कि किसी भी 40 वर्षीय व्यक्ति की तुलना में उनका परिश्रम कहीं अधिक है। वह बैठकों के दौरान कभी भी थकान या जम्हाई नहीं लेते। जब तक वह शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हैं, तब तक उनके अलावा किसी और को प्रधानमंत्री के रूप में देखने का सवाल ही नहीं उठता।"
मोहन भागवत ने दिसंबर की शुरुआत में महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम में भी पीएम मोदी की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था, "प्रधानमंत्री मोदी को वैश्विक स्तर पर इतनी ध्यान से क्यों सुना जा रहा है? इसका उत्तर सरल है। यह इसलिए है क्योंकि भारत अब अपनी शक्ति को उन मंचों पर प्रस्तुत कर रहा है, जहां इसे सही रूप में प्रदर्शित किया जाना चाहिए। इसने पूरे विश्व का ध्यान खींचा है।"
भाजपा और RSS दोनों ही इस समय स्पष्ट रूप से यह संदेश देने में जुटे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व 2029 तक जारी रहेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे समय में जब देश कई महत्वपूर्ण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से जूझ रहा है, पार्टी किसी भी प्रकार के नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को टालना चाहती है।
हालांकि, राजनीतिक माहौल में हमेशा यह सवाल उठता रहेगा कि मोदी जी के बाद भाजपा का नेतृत्व कौन संभालेगा, लेकिन फिलहाल पार्टी और RSS दोनों ही इसे केवल भविष्य का विषय बताते हुए इसे वर्तमान में चर्चा का केंद्र नहीं बना रहे हैं। मोहन भागवत और सीएम फडणवीस के बयानों से साफ संकेत मिलता है कि प्रधानमंत्री मोदी की अगली कैबिनेट और पार्टी की रणनीति उनके नेतृत्व में ही बनेगी।
प्रधानमंत्री मोदी के समर्थक और राजनीतिक विश्लेषक भी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि उनके 75वें जन्मदिन के बाद भी उनकी कार्यक्षमता और ऊर्जा पार्टी के लिए एक मजबूत आधार बनेगी। इसके अलावा, पीएम मोदी के अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ते प्रभाव ने भी यह संदेश दिया है कि उनके नेतृत्व में भारत अब वैश्विक राजनीति में अधिक सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है।
इस प्रकार, प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराधिकारी को लेकर अटकलें अभी भी जारी हैं, लेकिन भाजपा और RSS दोनों ही इस सवाल पर फिलहाल स्पष्ट खड़ा नहीं हैं। मोहन भागवत ने इसे पार्टी और प्रधानमंत्री के निर्णय के क्षेत्र में रखते हुए केवल शुभकामनाएं देने तक अपना जवाब सीमित किया है। वहीं, सीएम फडणवीस ने प्रधानमंत्री की फिटनेस और कार्यशैली के आधार पर यह स्पष्ट किया है कि 2029 तक देश और पार्टी के नेतृत्व में मोदी जी ही रहेंगे। इस संदर्भ में कहा जा सकता है कि भाजपा और RSS दोनों ही इस समय भविष्य के नेतृत्व पर चर्चा को प्राथमिकता नहीं दे रहे हैं और पूरी तरह से वर्तमान प्रधानमंत्री के नेतृत्व पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।