गया : मानपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में दरोगा के दो बेटों पर हुए जानलेवा हमले और एक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सिद्धार्थपुरी मोहल्ले में रानू सिंह की हत्या और उनके बड़े भाई मोनू सिंह को गोली मारने के मामले में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ एनकाउंटर की कार्रवाई भी की है। पुलिस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
घटना के बाद से ही पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। इसी दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले से जुड़े आरोपियों को पकड़ा। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान एक आरोपी घायल हुआ है। उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उसका इलाज कराया जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम और एनकाउंटर से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
सिद्धार्थपुरी में गोलियों से गूंज उठा था इलाका
मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नौरंगा स्थित सिद्धार्थपुरी मोहल्ले का है। सोमवार की रात रानू सिंह और उनके बड़े भाई मोनू सिंह को गोली मार दी गई थी। गोली लगने से रानू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मोनू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया कि रानू सिंह के सीने में गोली मारी गई थी। वहीं उनके भाई मोनू सिंह के पेट में गोली लगी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायल मोनू सिंह को बेहतर इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है।
दो आरोपी गिरफ्तार, एनकाउंटर में एक के घायल होने की बात
हत्या के इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में वजीरगंज थाना क्षेत्र के मीरगंज निवासी सेवानिवृत्त दरोगा नरेंद्र सिंह का पुत्र और गौरव कुमार शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जिसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई अब सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। फरार आरोपियों की तलाश में भी लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी आरोपियों तक पहुंचने के लिए साक्ष्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
सात नामजद, पांच अज्ञात पर केस
मृतक के पिता सुधांशु शेखर पिंटू सिंह ने मुफस्सिल थाने में लिखित आवेदन दिया है। आवेदन के आधार पर मामले में सात लोगों को नामजद किया गया है, जबकि पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। परिजनों ने पुलिस से सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात के पीछे असली वजह क्या थी और इसमें कितने लोग सीधे तौर पर शामिल थे। शुरुआती तौर पर घटना के पीछे आपसी वर्चस्व और पुरानी रंजिश की बात सामने आ रही है। स्थानीय स्तर पर पहले विवाद और उसके बाद मारपीट होने की भी चर्चा है। हालांकि इन बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
एसआईटी कर रही पूरे मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। टीम घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष देवराज इंद्र ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस एनकाउंटर के बाद घायल आरोपी का मेडिकल कॉलेज में इलाज और फरार आरोपियों की तलाश सबसे अहम बिंदु बनी हुई है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ ही यह साफ होगा कि रानू सिंह की हत्या की साजिश में कौन-कौन शामिल था और वारदात के पीछे पुरानी रंजिश और वर्चस्व की भूमिका कितनी थी।