पटना : पटना के मनेर में हुए कथित पुलिस एनकाउंटर को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। मृतक के परिजनों की ओर से लगाए जा रहे आरोप और स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्थानीय सांसद द्वारा प्रशासन की कार्यशैली पर उठाए गए सवालों के बीच बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव का बयान सामने आया है। इस पूरे मामले पर सवालों का जवाब देते समय मंत्री जी ने डरते -डरते अंदाज में बोला कि- इस मामले की जांच होनी चाहिए। वह बार-बार जांच की बात दोहराते नजर आए। वहीं, न्यायिक जांच कराने के सवाल पर उन्होंने साफ कह दिया कि - जांच होना चाहिए।
दरअसल, मनेर एनकाउंटर को लेकर जब पत्रकारों ने मंत्री रामकृपाल यादव से सवाल किया तो उन्होंने घटना को दुखद बताया। हालांकि, घटना की पूरी जानकारी नहीं होने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि आखिर घटनास्थल पर क्या हुआ, किन परिस्थितियों में यह घटना हुई और इसके पीछे की पूरी कहानी क्या है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
मंत्री ने कहा कि यह घटना निश्चित रूप से दुखद है, लेकिन पूरे मामले की वास्तविकता क्या है, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा। उनके इस बयान से साफ है कि फिलहाल सरकार के स्तर पर भी घटना को लेकर सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
मनेर एनकाउंटर के बाद मृतक के परिजनों की ओर से अगर आवेदन दिया गया है तो उसे भी जांच का विषय बताते हुए रामकृपाल यादव ने कहा कि प्रशासन के खिलाफ स्थानीय सांसद और स्थानीय लोगों द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उन सभी बिंदुओं की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि परिजनों की तरफ से जो भी शिकायत की गई है, उसकी जांच जरूरी है। प्रशासन के ऊपर लगाए जा रहे आरोपों की भी पड़ताल होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार इस मामले में न्यायिक जांच कराएगी तो मंत्री ने कहा कि- हम सरकार नहीं हैं। पत्रकारों ने जब दोबारा सवाल किया कि क्या मृतक के परिजनों की मांग पर एनकाउंटर की न्यायिक जांच कराई जाएगी, तो रामकृपाल यादव ने कहा, 'मैं तो सरकार नहीं हूं ना। इसको लेकर निर्णय मुख्यमंत्री लेंगे। प्रशासन इसको लेकर डिसीजन लेगा।'
मामले में पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि एनकाउंटर को लेकर फर्जी मुठभेड़ के आरोप लगाए जा रहे हैं, तो मंत्री ने इस सवाल पर भी कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने फिर कहा कि यह जांच का विषय है और वह बार-बार यही बात कह रहे हैं। इस तरह, मनेर एनकाउंटर को लेकर मंत्री रामकृपाल यादव के सामने कई सवाल उठे, लेकिन हर सवाल पर उनका जवाब जांच और मुख्यमंत्री के फैसले के इर्द-गिर्द ही घूमता रहा।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि मनेर में आखिर उस दिन क्या हुआ था? क्या पुलिस की कार्रवाई नियमानुसार हुई थी या फिर परिजनों और स्थानीय लोगों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों में कोई सच्चाई है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। लेकिन मंत्री के बयान के बाद अब सबकी नजर मुख्यमंत्री और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।
आपको बताते चलें कि, शुक्रवार को मीसा भारती एनकाउंटर का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंची तो महिलाएं उनके पास आ गईं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राजा शर्मा को बुलाकर मार दिया गया। पुलिस पर हत्या करने का आरोप लगाते हुए लोगों ने पटना में पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। मीसा भारती ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई से लोग काफी गुस्से में हैं। इस मामले की न्यायिक जांच कराया जाना चाहिए। लोगों के बीच वे काफी देर तक रुकीं और रो रहे लोगों को ढांढस बंधाया। उन्होंने एक साथ तीन लोगों एनकाउंटर पर सवाल खड़ा किया।