Madhubani News: मधुबनी के खजौली थाना क्षेत्र में वर्षों से चला आ रहा भूमि विवाद बुधवार की सुबह अचानक खूनी संघर्ष में बदल गया। महुआ एकडारा पंचायत के वार्ड 13 स्थित बिरौल गांव में जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प तक पहुंच गया। इसी दौरान एक पक्ष की ओर से फायरिंग किए जाने से पिता-पुत्र गोली लगने से घायल हो गए।
गोली लगने से घायल दोनों की पहचान 70 वर्षीय राजदेव सिंह और उनके 25 वर्षीय पुत्र राजा सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने आनन-फानन में दोनों घायलों को खजौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए दोनों को सदर अस्पताल मधुबनी रेफर कर दिया।
पुराने जमीन विवाद ने फिर पकड़ा तूल
स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। बुधवार सुबह इसी पुराने विवाद को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआत में दोनों ओर से कहासुनी हुई। इसके बाद गाली-गलौज शुरू हो गई और देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इसी बीच कथित तौर पर एक पक्ष की ओर से गोली चला दी गई। फायरिंग में राजदेव सिंह और उनके पुत्र राजा सिंह घायल हो गए। गोली लगने के बाद दोनों मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े।
किसी के हाथ में लगी गोली, तो किसी का हाथ हुआ जख्मी
घटना में 70 वर्षीय राजदेव सिंह के बाएं हाथ में गोली लगी, जबकि उनके पुत्र राजा सिंह के दाएं हाथ में गोली लगी है। दोनों को ग्रामीणों की मदद से तत्काल खजौली सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. ज्योतेंद्र नारायण ने बताया कि बुधवार सुबह बिरौल गांव से गोली लगने से घायल दो मरीज अस्पताल पहुंचे थे। दोनों के हाथ में गोली लगी थी। चिकित्सक राकेश राम ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद बेहतर चिकित्सा के लिए उन्हें सदर अस्पताल मधुबनी भेज दिया गया।चिकित्सकों के मुताबिक दोनों घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
सूचना मिलते ही गांव पहुंची पुलिस
गोलीबारी की सूचना मिलते ही खजौली थानाध्यक्ष सपन कुमार पुलिस बल के साथ बिरौल गांव पहुंचे। पुलिस टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया और आसपास के लोगों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और फायरिंग किसने की। साथ ही गोलीबारी में इस्तेमाल हथियार और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
थानाध्यक्ष सपन कुमार ने बताया कि बिरौल गांव में पुराने भूमि विवाद को लेकर गोली चलने की सूचना मिली है। फिलहाल मामले में कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। घायलों के फर्द बयान और आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
बयान के बाद सामने आएगी पूरी कहानी
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और घटना के पीछे पुराना भूमि विवाद ही मुख्य वजह बताया जा रहा है। हालांकि, गोली किसने चलाई और विवाद के दौरान वास्तव में क्या-क्या हुआ, इसकी पूरी तस्वीर घायलों के बयान और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
एक छोटे से भूमि विवाद के चलते पिता-पुत्र के घायल होने की घटना के बाद बिरौल गांव में भी तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।