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LPG cylinder explosion : मधुबनी में गैस सिलेंडर हादसा, चाय बनाते लगी आग 5 लोग झुलसे; लाखों का नुकसान

LPG cylinder explosion : मधुबनी जिले के कलुआही थाना क्षेत्र के पुरसौलिया गांव में जर्जर गैस सिलेंडर में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में गृहस्वामी समेत पांच लोग झुलस गए, जबकि दो घर पूरी तरह जलकर राख हो गए।

LPG cylinder explosion

24-Jan-2026 03:01 PM

By First Bihar

LPG cylinder explosion  : मधुबनी जिले के कलुआही थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरसौलिया गांव के वार्ड संख्या–02 में शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। भारत गैस के जर्जर सिलेंडर में आग लगने से गृहस्वामी सदरे आलम (50) समेत पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इस अगलगी में दो कच्चे घरों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया, जिससे पीड़ित परिवार पूरी तरह बेघर हो गया है।


घटना शुक्रवार शाम करीब सात बजे की बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, सदरे आलम के घर में चाय बनाने के लिए जैसे ही गैस चूल्हा जलाया गया, अचानक सिलेंडर में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही पलों में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। घर बांस-बल्ला, बांस की चचरी दीवार और एस्बेस्टस की छत का बना हुआ था, जिस कारण आग ने विकराल रूप ले लिया।


आग लगते ही घर में अफरा-तफरी मच गई। सदरे आलम और उनके परिजनों ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। गृहस्वामी ने आग बुझाने के लिए सुतली के बोरे से प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसी दौरान सिलेंडर में विस्फोट हो गया, जिससे सदरे आलम पीछे की ओर गिर पड़े और उनका एक हाथ बुरी तरह झुलस गया। आग बुझाने के प्रयास में आसपास के लोग भी चपेट में आ गए।


इस घटना में पड़ोसी बिंदे यादव (50), मुस्तकीम (23) और रियाज (22) सहित कुल पांच लोग झुलस गए। सभी घायलों को ग्रामीणों की मदद से रात में ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कलुआही ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। वहीं, सदरे आलम की पत्नी समसा खातून (45) घटना से इतना आहत हुईं कि वे बेहोश हो गईं। फिलहाल पीड़ित परिवार पड़ोसी के घर में शरण लेने को मजबूर है।


ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग बुझाई जा चुकी थी। पुलिस की डायल 112 की टीम भी रात में घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।


शनिवार को अंचल अधिकारी मुकेश कुमार सिंह के निर्देश पर राजस्व कर्मचारी संगीता सिंह ने स्थानीय मुखिया की उपस्थिति में घटनास्थल का निरीक्षण किया। राजस्व कर्मचारी ने बताया कि क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलते ही अंचल स्तर से पीड़ित परिवार को अविलंब सरकारी राहत उपलब्ध कराई जाएगी।


इधर, समाजसेवी इमामुद्दीन, विक्की समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को सभी तरह का लाभ और समुचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सदरे आलम के घर में अब कुछ भी शेष नहीं बचा है। कपड़े, अनाज, बर्तन और जरूरी दस्तावेज सभी जलकर नष्ट हो गए हैं। घायल गृहस्वामी सदरे आलम ने इस हादसे के लिए भारत गैस एजेंसी नरार स्थित वितरक को जिम्मेदार ठहराया है। 


उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को उनका पुत्र शोएब नरार गोदाम से गैस सिलेंडर लाया था। घर पहुंचने पर सिलेंडर नीचे से जर्जर दिखाई दिया, जिसे वापस करने के लिए पुनः गोदाम भेजा गया। लेकिन वहां से उसे फटकार लगाकर लौटा दिया गया और सिलेंडर बदलने से इनकार कर दिया गया। सदरे आलम ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते जर्जर सिलेंडर बदला गया होता, तो यह हादसा नहीं होता। फिलहाल गांव में इस घटना को लेकर आक्रोश का माहौल है और लोग गैस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

LPG cylinder explosion  : मधुबनी जिले के कलुआही थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरसौलिया गांव के वार्ड संख्या–02 में शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। भारत गैस के जर्जर सिलेंडर में आग लगने से गृहस्वामी सदरे आलम (50) समेत पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इस अगलगी में दो कच्चे घरों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया, जिससे पीड़ित परिवार पूरी तरह बेघर हो गया है।


घटना शुक्रवार शाम करीब सात बजे की बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, सदरे आलम के घर में चाय बनाने के लिए जैसे ही गैस चूल्हा जलाया गया, अचानक सिलेंडर में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही पलों में पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। घर बांस-बल्ला, बांस की चचरी दीवार और एस्बेस्टस की छत का बना हुआ था, जिस कारण आग ने विकराल रूप ले लिया।


आग लगते ही घर में अफरा-तफरी मच गई। सदरे आलम और उनके परिजनों ने किसी तरह घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। गृहस्वामी ने आग बुझाने के लिए सुतली के बोरे से प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसी दौरान सिलेंडर में विस्फोट हो गया, जिससे सदरे आलम पीछे की ओर गिर पड़े और उनका एक हाथ बुरी तरह झुलस गया। आग बुझाने के प्रयास में आसपास के लोग भी चपेट में आ गए।


इस घटना में पड़ोसी बिंदे यादव (50), मुस्तकीम (23) और रियाज (22) सहित कुल पांच लोग झुलस गए। सभी घायलों को ग्रामीणों की मदद से रात में ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, कलुआही ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। वहीं, सदरे आलम की पत्नी समसा खातून (45) घटना से इतना आहत हुईं कि वे बेहोश हो गईं। फिलहाल पीड़ित परिवार पड़ोसी के घर में शरण लेने को मजबूर है।


ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग बुझाई जा चुकी थी। पुलिस की डायल 112 की टीम भी रात में घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।


शनिवार को अंचल अधिकारी मुकेश कुमार सिंह के निर्देश पर राजस्व कर्मचारी संगीता सिंह ने स्थानीय मुखिया की उपस्थिति में घटनास्थल का निरीक्षण किया। राजस्व कर्मचारी ने बताया कि क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलते ही अंचल स्तर से पीड़ित परिवार को अविलंब सरकारी राहत उपलब्ध कराई जाएगी।


इधर, समाजसेवी इमामुद्दीन, विक्की समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को सभी तरह का लाभ और समुचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सदरे आलम के घर में अब कुछ भी शेष नहीं बचा है। कपड़े, अनाज, बर्तन और जरूरी दस्तावेज सभी जलकर नष्ट हो गए हैं। घायल गृहस्वामी सदरे आलम ने इस हादसे के लिए भारत गैस एजेंसी नरार स्थित वितरक को जिम्मेदार ठहराया है। 


उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को उनका पुत्र शोएब नरार गोदाम से गैस सिलेंडर लाया था। घर पहुंचने पर सिलेंडर नीचे से जर्जर दिखाई दिया, जिसे वापस करने के लिए पुनः गोदाम भेजा गया। लेकिन वहां से उसे फटकार लगाकर लौटा दिया गया और सिलेंडर बदलने से इनकार कर दिया गया। सदरे आलम ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते जर्जर सिलेंडर बदला गया होता, तो यह हादसा नहीं होता। फिलहाल गांव में इस घटना को लेकर आक्रोश का माहौल है और लोग गैस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।